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चंद मिनटों में स्वाह हो गई लग्जरी कार
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:28 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : amarujala
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नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश की सर्पीली सड़कों पर लग्जरी कारें चलते-चलते भीषण आग में जलकर तहस-नहस हो रही हैं। सोमवार रात नाहन के समीप जुड्डा का जोहड़ में भी पहाड़ी से टकराकर एक कार आग में स्वाह हो गई। भीषण आग की लपटों में कार चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। चंद मिनटों में ही कार आग की भेंट चढ़ गई।
हिमाचल प्रदेश में वाहनों में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में ऊना जिले में भी चलती गाड़ी में आग लग गई थी। जबकि बिलासपुर जिले के स्वारघाट इलाके में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे।
गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं चिंताजनक हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए पहले ही जरूरी सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। वहीं, घटना होने पर बचाव के साधन होना भी जरूरी है। ऑटो मोबाइल इंजीनियरों की मानें तो सेंटर लॉक दुर्घटना के दौरान कई बार लॉक हो जाता है। इससे दरवाजे नहीं खुल पाते। नाहन में हुई दुर्घटना में भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो चालक सीट बेल्ट नहीं खोल पाया या फिर गाड़ी लॉक होने से वह बाहर नहीं निकल सका। इससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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कैसे बनाएं कार को फायर प्रूफ
चंडीगढ़ के ऑटो मोबाइल इंजीनियर सुभाष मदान ने बताया कि गाड़ी का टेंपरेचर मीटर चलते समय जरूर बार-बार चेक करें। गाड़ी की सर्विस समय-समय पर होती रहनी चाहिए। यह देखना चाहिए कि कहीं कोई पाइप कटा या फटा न हो। गाड़ी चलाते समय गाड़ी के दरवाजे कुछ खुले रखें। हो सके तो सेंटर लॉक न लगाएं। बच्चों की सुरक्षा के लिए चिल्ड्रन लॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है। गाड़ी के अंदर आग बुझाने का छोटा सा यंत्र जरूर रखें। कटर गाड़ी में रखना भी फायदेमंद है। दुर्घटना के दौरान सीट बेल्ट न खुले तो उसे कटर से काटा जा सकता है। वहीं, दरवाजे खोलने के लिए छोटा हथोड़ा आदि साथ रखना चाहिए।
क्या करें जब गाड़ी में लगे आग
एक्सपर्ट बताते हैं कि खुदा-न-खास्ता कभी कार में आग लग जाए तो घबराएं नहीं। थोड़ी सी सूझबूझ किसी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है। कार में कहीं से धुआं या आग की लपटें निकलती नजर आएं तो तुरंत सड़क किनारे कार रोक लें और उससे दूर चले जाएं। बोनट के नीचे आग लगी हो तो उसे खोलने की कोशिश न करें। इससे आग और भड़क सकती है।
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हिमाचल प्रदेश में वाहनों में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। हाल ही में ऊना जिले में भी चलती गाड़ी में आग लग गई थी। जबकि बिलासपुर जिले के स्वारघाट इलाके में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे।
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गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं चिंताजनक हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए पहले ही जरूरी सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। वहीं, घटना होने पर बचाव के साधन होना भी जरूरी है। ऑटो मोबाइल इंजीनियरों की मानें तो सेंटर लॉक दुर्घटना के दौरान कई बार लॉक हो जाता है। इससे दरवाजे नहीं खुल पाते। नाहन में हुई दुर्घटना में भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो चालक सीट बेल्ट नहीं खोल पाया या फिर गाड़ी लॉक होने से वह बाहर नहीं निकल सका। इससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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कैसे बनाएं कार को फायर प्रूफ
चंडीगढ़ के ऑटो मोबाइल इंजीनियर सुभाष मदान ने बताया कि गाड़ी का टेंपरेचर मीटर चलते समय जरूर बार-बार चेक करें। गाड़ी की सर्विस समय-समय पर होती रहनी चाहिए। यह देखना चाहिए कि कहीं कोई पाइप कटा या फटा न हो। गाड़ी चलाते समय गाड़ी के दरवाजे कुछ खुले रखें। हो सके तो सेंटर लॉक न लगाएं। बच्चों की सुरक्षा के लिए चिल्ड्रन लॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है। गाड़ी के अंदर आग बुझाने का छोटा सा यंत्र जरूर रखें। कटर गाड़ी में रखना भी फायदेमंद है। दुर्घटना के दौरान सीट बेल्ट न खुले तो उसे कटर से काटा जा सकता है। वहीं, दरवाजे खोलने के लिए छोटा हथोड़ा आदि साथ रखना चाहिए।
क्या करें जब गाड़ी में लगे आग
एक्सपर्ट बताते हैं कि खुदा-न-खास्ता कभी कार में आग लग जाए तो घबराएं नहीं। थोड़ी सी सूझबूझ किसी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है। कार में कहीं से धुआं या आग की लपटें निकलती नजर आएं तो तुरंत सड़क किनारे कार रोक लें और उससे दूर चले जाएं। बोनट के नीचे आग लगी हो तो उसे खोलने की कोशिश न करें। इससे आग और भड़क सकती है।