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Sirmour News: अदालत 2
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दोस्ताना ऋण लेना पड़ा भारी,
आरोपी को एक साल की सजा
- साल 2017 का मामला, घरेलू जरूरतों के लिए दोषी ने उधार लिए थे 15 लाख रुपये
- न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब नौ साले पहले एक सरकारी शिक्षक को दोस्ताना ऋण न चुकाना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी धनबीर सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। पीड़ित पक्ष को 12 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2017 को तहसील शिलाई क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता सिया राम शर्मा ने अदालत को बताया कि धनबीर सिंह ने जुलाई महीने में घरेलू जरूरतों के लिए 9.50 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने निर्धारित समय में उधार राशि चुकाने का वचन दिया था, लेकिन आरोपी देनदारी का भुगतान करने में विफल रहा। उसने 24 मई 2023 को 9.50 लाख रुपये की राशि का एक चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।
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आरोपी को एक साल की सजा
- साल 2017 का मामला, घरेलू जरूरतों के लिए दोषी ने उधार लिए थे 15 लाख रुपये
- न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब नौ साले पहले एक सरकारी शिक्षक को दोस्ताना ऋण न चुकाना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी धनबीर सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। पीड़ित पक्ष को 12 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2017 को तहसील शिलाई क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता सिया राम शर्मा ने अदालत को बताया कि धनबीर सिंह ने जुलाई महीने में घरेलू जरूरतों के लिए 9.50 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने निर्धारित समय में उधार राशि चुकाने का वचन दिया था, लेकिन आरोपी देनदारी का भुगतान करने में विफल रहा। उसने 24 मई 2023 को 9.50 लाख रुपये की राशि का एक चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।
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