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Sirmour News: विकास खंड संगड़ाह में बीडीसी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी बनी हॉट सीट
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड संगड़ाह में बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी की जंग को लेकर सियासी पारा चढ़ता ही जा रहा है। जिला परिषद चुनाव में तीनों सीटों पर हार का सामना करने के बाद अब बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं रेणुका के विधायक विनय कुमार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। दूसरी ओर भाजपा भी इस मुकाबले को किसी भी कीमत पर हाथ से जाने के मूड में नहीं दिख रही है।
संगड़ाह बीडीसी में इन दिनों जोड़-तोड़ की रणनीति और सियासी गणित की खूब चर्चा है। शुरुआती दौर में कांग्रेस और भाजपा के पक्ष में 7-7 सदस्य बताए जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस खेमे ने भाजपा के गढ़ माने जाने वाले रजाणा वार्ड में सेंध लगाकर बाजी पलट दी। इसके बाद कांग्रेस का आंकड़ा 8 तक पहुंच गया, जबकि भाजपा 7 पर सिमट गई।
भाजपा नेता भी पर्दे के पीछे अपने तुरूप के इक्के की तलाश में जुटे हुए हैं। दोनों दलों के नेता अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए हर संभव राजनीतिक दांव आजमा रहे हैं। बताते चलें कि संगड़ाह बीडीसी का चुनाव अब पूरे जिला सिरमौर की सबसे चर्चित राजनीतिक जंग बन गया है।
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सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही कांग्रेस समर्थक नेताओं ने अपने पक्ष के बीडीसी सदस्यों को एकजुट कर लिया था। चर्चा यह भी है कि कई सदस्य सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी गर्म है कि कुछ सदस्यों को प्रदेश से बाहर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए ले जाया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
12 जून को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव प्रस्तावित हैं। बीडीसी में बहुमत साबित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी माना जा रहा है। अब यह देखना देखना है निर्धारित तिथि को यह चुनाव हो पाता है या फिर आगामी तिथि के लिए मामला स्थगित होता है। बदलते समीकरण तय करेंगे कि बाजू किसके हाथ लगती है जिस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगड़ाह बीडीसी रेणुका क्षेत्र की राजनीति की दिशा भी तय करेगी।
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संगड़ाह (सिरमौर)। रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड संगड़ाह में बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी की जंग को लेकर सियासी पारा चढ़ता ही जा रहा है। जिला परिषद चुनाव में तीनों सीटों पर हार का सामना करने के बाद अब बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं रेणुका के विधायक विनय कुमार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। दूसरी ओर भाजपा भी इस मुकाबले को किसी भी कीमत पर हाथ से जाने के मूड में नहीं दिख रही है।
संगड़ाह बीडीसी में इन दिनों जोड़-तोड़ की रणनीति और सियासी गणित की खूब चर्चा है। शुरुआती दौर में कांग्रेस और भाजपा के पक्ष में 7-7 सदस्य बताए जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस खेमे ने भाजपा के गढ़ माने जाने वाले रजाणा वार्ड में सेंध लगाकर बाजी पलट दी। इसके बाद कांग्रेस का आंकड़ा 8 तक पहुंच गया, जबकि भाजपा 7 पर सिमट गई।
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भाजपा नेता भी पर्दे के पीछे अपने तुरूप के इक्के की तलाश में जुटे हुए हैं। दोनों दलों के नेता अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए हर संभव राजनीतिक दांव आजमा रहे हैं। बताते चलें कि संगड़ाह बीडीसी का चुनाव अब पूरे जिला सिरमौर की सबसे चर्चित राजनीतिक जंग बन गया है।
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सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही कांग्रेस समर्थक नेताओं ने अपने पक्ष के बीडीसी सदस्यों को एकजुट कर लिया था। चर्चा यह भी है कि कई सदस्य सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी गर्म है कि कुछ सदस्यों को प्रदेश से बाहर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए ले जाया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
12 जून को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव प्रस्तावित हैं। बीडीसी में बहुमत साबित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी माना जा रहा है। अब यह देखना देखना है निर्धारित तिथि को यह चुनाव हो पाता है या फिर आगामी तिथि के लिए मामला स्थगित होता है। बदलते समीकरण तय करेंगे कि बाजू किसके हाथ लगती है जिस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगड़ाह बीडीसी रेणुका क्षेत्र की राजनीति की दिशा भी तय करेगी।