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बागथन फल उद्यान केंद्र करेगा इटली सेब पैदा

Sun, 15 May 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला सराहां (सिरमौर)।
ब्यूरो, अमर उजाला सराहां (सिरमौर)। Updated Sun, 15 May 2016 11:46 PM IST
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bangthan fruit centre produse itly apple
इजराइली अन्ना किस्म का सेब जून में पककर तैयार हो जाएगा।

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सराहां (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए बागवानी विशेषज्ञों ने इटली की प्रजातियां तैयार करनी शुरू की हैं। इससे राज्य में सेब का उत्पादन दो गुना से भी अधिक हो जाएगा। सरकारी तौर पर इटली की लगभग दस प्रजातियों पर अनुसंधान चल रहा है। अगले साल बागवानों को पौधों का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण में इन प्रजातियों के करीब साठ हजार पौधे राजकीय बागथन फल उद्यान केंद्र में रखे गए हैं जिन पर विशेषज्ञों द्वारा शोध किया जा रहा है।

हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के गृह क्षेत्र बागथन फल उद्यान केंद्र में इटली से लाए गए 60 हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह प्रजातियां तीन वर्ष में फल देगी और उत्पादन अन्य प्रजातियों की अपेक्षा दो गुना से भी अधिक होगा। अमूमन सेब के बगीचे में सात टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन होता है। जबकि इटली की प्रजातियों में प्रति हेक्टेयर 17 हेक्टेयर सेब का उत्पादन होगा। इनमें मिठास अधिक होगी और आकार भी बड़ा होगा। यह प्रजातियां मैदानी इलाकों में भी लगाई जा सकेंगी।
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बॉक्स के लिए---
1. यह प्रजातियां आई इटली से
बागथन फल उद्यान केंद्र में सुपरचीफ, जेरोमाइन, रेडलम गाला, रेड कैफ, वालतोड़, रेडवालॉकेस, सनफ्यूजी, गैल गाला, अरलीफ्यूज एवं रेडफ्यूजी नामक किस्मों के 60 हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा सिरमौर के नौहराधार में भी इन्हीं प्रजाति के 1111 व कवाग्धार में भी 1111 पौधे तैयार किए गए हैं।
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2. फल उद्यान विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. उजागर सिंह तोमर ने बताया कि इटली से पहली बार यह प्रजातियां लाई गई हैं। दिसंबर महीने तक इन पर शोध चला है। इस दौरान देखा जाएगा कि यहां की जलवायु इनके अनुकूल है या नहीं। पौधे किसी बीमारी की चपेट में तो नहीं आ रहे। इसके बाद अगले साल जनवरी-फरवरी में पौधे बागवानों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रजातियां प्रति हेक्टेयर 17 टन उत्पादन देगी और तीन साल में पौधा फल देना शुरू कर देगा।
 

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