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महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं बस आगे आने की जरूरत : कुणाल
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कन्या स्कूल पिपलीवाला में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओ को जागरूक करते डीएफओ।
- फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब (सिरमौर)। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस खुद को पहचान कर आगे आने की जरूरत है। अगर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं तो कोई भी उत्पीड़न के बारे में नहीं सोच सकता। यह बात डीएफओ पांवटा कुणाल अंग्रीश ने कही। वह सोमवार को अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मुरलीधर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान छात्राओं को महिला उत्पीड़न, महिला उत्थान, सशक्तीकरण और विभिन्न योजनाओं पर जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि डीएफओ कुणाल अंग्रीश ने छात्राओं को जागरूक बनने का आह्वान किया। कहा कि जब महिला सशक्त होगी तभी देश सशक्त होगा। उन्होंने यूएनओ में पर्यावरण पर आवाज बुलंद करने वाली छात्रा, बांध विस्थापन के खिलाफ आवाज उठाने वाली मेधा पाटकर, कीनिया में 5 करोड़ पौधे रोपने की मुहिम पटरी पर लाने वाली महिला, पांवटा में पर्यावरण संरक्षण कर मुख्यमंत्री से इनाम पाने वाली अंबोया की महिला समूह का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं है। सभी को बस आगे आकर काम करने की आवश्यकता है।
स्कूल एसएमसी कमेटी सदस्यों संजीव कुमार और चरनजीत सिंह पर्यावरण एवं स्वच्छता अपनाने पर बल दिया। मंच संचालक शिक्षक रमेश एवं अंजुला ने महिला उत्पीड़न, पोक्सो एक्ट, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, घटता लिंग अनुपात, दहेज उत्पीड़न की जानकारी दी।
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अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचाने बेटियां : मुरलीधर
स्कूल के प्रधानाचार्य मुरलीधर ने कहा कि महिलाएं-बेटियां अपनी भीतर छिपी प्रतिभा और शक्ति को पहचानें। एक महिला 3 परिवार का उत्थान करती है। महिला सजग है तो परिवार, ससुराल और समाज का उत्थान करती है। बेटियां यह संकल्प लें कि हम किसी से कम नहीं। भारत के इतिहास में झांसी की रानी, सरोजिनी नायडू, लता मंगेशकर, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला और निर्मला सीता रमण समेत कई महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान खुर्शीद अली, रमेश चौहान, जगदीश चौहान, शशिबाला, अंजुला, चरनजीत सिंह, संजीव कुमार, यादराम, जिशांत, शेर खान समेत स्टाफ सदस्य मौजूद रहा।
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कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मुरलीधर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान छात्राओं को महिला उत्पीड़न, महिला उत्थान, सशक्तीकरण और विभिन्न योजनाओं पर जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि डीएफओ कुणाल अंग्रीश ने छात्राओं को जागरूक बनने का आह्वान किया। कहा कि जब महिला सशक्त होगी तभी देश सशक्त होगा। उन्होंने यूएनओ में पर्यावरण पर आवाज बुलंद करने वाली छात्रा, बांध विस्थापन के खिलाफ आवाज उठाने वाली मेधा पाटकर, कीनिया में 5 करोड़ पौधे रोपने की मुहिम पटरी पर लाने वाली महिला, पांवटा में पर्यावरण संरक्षण कर मुख्यमंत्री से इनाम पाने वाली अंबोया की महिला समूह का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं है। सभी को बस आगे आकर काम करने की आवश्यकता है।
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स्कूल एसएमसी कमेटी सदस्यों संजीव कुमार और चरनजीत सिंह पर्यावरण एवं स्वच्छता अपनाने पर बल दिया। मंच संचालक शिक्षक रमेश एवं अंजुला ने महिला उत्पीड़न, पोक्सो एक्ट, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, घटता लिंग अनुपात, दहेज उत्पीड़न की जानकारी दी।
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अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचाने बेटियां : मुरलीधर
स्कूल के प्रधानाचार्य मुरलीधर ने कहा कि महिलाएं-बेटियां अपनी भीतर छिपी प्रतिभा और शक्ति को पहचानें। एक महिला 3 परिवार का उत्थान करती है। महिला सजग है तो परिवार, ससुराल और समाज का उत्थान करती है। बेटियां यह संकल्प लें कि हम किसी से कम नहीं। भारत के इतिहास में झांसी की रानी, सरोजिनी नायडू, लता मंगेशकर, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला और निर्मला सीता रमण समेत कई महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान खुर्शीद अली, रमेश चौहान, जगदीश चौहान, शशिबाला, अंजुला, चरनजीत सिंह, संजीव कुमार, यादराम, जिशांत, शेर खान समेत स्टाफ सदस्य मौजूद रहा।
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कन्या स्कूल पिपलीवाला में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।- फोटो : NAHAN