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ड्यूटी कम करने पर भड़की चतुर्थ वाहिनी सिरमौर
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन की चतुर्थ वाहिनी सिरमौर ने गृह रक्षकों की सेवाएं धीरे-धीरे कम करने तथा उन्हें समय पर वेतन नहीं देने पर गहरा आक्रोश प्रकट किया है। संघ ने सीधे-सीधे प्रदेश सरकार पर होमगार्ड जवानों के पेट पर लात मारने का आरोप लगाया है। यहां जारी बयान में संघ के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा कि गृह रक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है जिससे उन्हें घर खर्च में भारी परेशानी हो रही है।
आरटीओ, एक्साइज कार्यालय में तैनात होमगार्ड जवानों को 4 से 5 महीने से वेतन नहीं मिला है। अधिकारी बजट समाप्त होने की बात कह रहे हैं। इसके अलावा थाने-चौकियों में तैनात होमगार्डों को भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
रमेश ठाकुर ने कहा कि जब होमगार्डों को नाममात्र का वेतन दिया जा रहा था, उस दौरान सरकार द्वारा अधिकतर संस्थानों में होमगार्ड जवान तैनात कर रखे थे। जब उन्हें वेतन सही मिलने लगा तो उनकी ड्यूटी को घटाया जा रहा है। अधिकतर संस्थानों से उनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। हाल ही में नाहन जेल से 13 होमगार्ड जवानों को हटा दिया गया। हालत इस कदर बुरे हैं कि जिला में गृह रक्षकों के 576 पद स्वीकृत हैं लेकिन ड्यूटी मात्र 365 को दी गई है।
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रमेश ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, महिला आरक्षण व महिला विकास की बात करती है। दूसरी ओर महिलाओं के ही रोजगार के साधन छीन रही है। जिला में तैनात महिला होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगातार कम की जा रही हैं। महिला होमगार्ड के 50-55 पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में सिर्फ 12 होमगार्ड को ही नौकरी दी जा रही है।
संघ अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने मांग की कि जिला में जितने भी होमगार्ड के पद स्वीकृत तैनात हैं उन पर होमगार्ड जवानों को अविलंब तैनात किया जाए। साथ ही सभी होमगार्ड जवानों को उनका वेतन सही समय पर दिया जाए। संघ अध्यक्ष ने सरकार से पहले की तरह अधिक से अधिक विभागों में प्रशिक्षित होमगार्ड तैनात करने की भी मांग की है।
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नाहन (सिरमौर)।
होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन की चतुर्थ वाहिनी सिरमौर ने गृह रक्षकों की सेवाएं धीरे-धीरे कम करने तथा उन्हें समय पर वेतन नहीं देने पर गहरा आक्रोश प्रकट किया है। संघ ने सीधे-सीधे प्रदेश सरकार पर होमगार्ड जवानों के पेट पर लात मारने का आरोप लगाया है। यहां जारी बयान में संघ के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा कि गृह रक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है जिससे उन्हें घर खर्च में भारी परेशानी हो रही है।
आरटीओ, एक्साइज कार्यालय में तैनात होमगार्ड जवानों को 4 से 5 महीने से वेतन नहीं मिला है। अधिकारी बजट समाप्त होने की बात कह रहे हैं। इसके अलावा थाने-चौकियों में तैनात होमगार्डों को भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
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रमेश ठाकुर ने कहा कि जब होमगार्डों को नाममात्र का वेतन दिया जा रहा था, उस दौरान सरकार द्वारा अधिकतर संस्थानों में होमगार्ड जवान तैनात कर रखे थे। जब उन्हें वेतन सही मिलने लगा तो उनकी ड्यूटी को घटाया जा रहा है। अधिकतर संस्थानों से उनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। हाल ही में नाहन जेल से 13 होमगार्ड जवानों को हटा दिया गया। हालत इस कदर बुरे हैं कि जिला में गृह रक्षकों के 576 पद स्वीकृत हैं लेकिन ड्यूटी मात्र 365 को दी गई है।
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रमेश ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, महिला आरक्षण व महिला विकास की बात करती है। दूसरी ओर महिलाओं के ही रोजगार के साधन छीन रही है। जिला में तैनात महिला होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगातार कम की जा रही हैं। महिला होमगार्ड के 50-55 पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में सिर्फ 12 होमगार्ड को ही नौकरी दी जा रही है।
संघ अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने मांग की कि जिला में जितने भी होमगार्ड के पद स्वीकृत तैनात हैं उन पर होमगार्ड जवानों को अविलंब तैनात किया जाए। साथ ही सभी होमगार्ड जवानों को उनका वेतन सही समय पर दिया जाए। संघ अध्यक्ष ने सरकार से पहले की तरह अधिक से अधिक विभागों में प्रशिक्षित होमगार्ड तैनात करने की भी मांग की है।