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कई घरों में नहीं जले चूल्हे, एक साथ जली तीन चिताएं
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:39 PM IST
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- फोटो : bbc
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शिलाई (सिरमौर)। गिरिपार के शिलाई क्षेत्र के अशयाड़ी गांव में एक साथ तीन युवाओं की मौत से सन्नाटा पसर गया है। रविवार को टिपर दुर्घटनाग्रस्त होने से तीनों युवकों की मौत के बाद जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदल गईं। बताया जा रहा है कि तीनों युवकों ने रविवार को जन्माष्टमी का व्रत भी रखा था। टिंबी से तीनों उतराऊ की ओर निकले। यहां मंदिर में माथा टेकने का कार्यक्रम था। लेकिन, कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था। तीन युवकों की एक साथ हुई मौत से गांव में हर कोई आंख नम है। कई घरों में रविवार रात और सोमवार सुबह चूल्हे भी नहीं जले।
अशयाड़ी गांव के तीन युवक टिंबी से उतराऊ की ओर निकले थे। रविवार रात करीब 11 बजे टिपर गिरने के कारण तीनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों ने जन्माष्टमी का व्रत रखा था। कमलेश उतराऊ की ओर जा रहा था। अन्य दो युवक भी उसके साथ टिपर में सवार होकर निकल गए लेकिन, रास्ते में टिप्पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उनकी मौत हो गई। जवान बेटों के यूं जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे ने किसी की गोद सूनी कर दी है तो किसी के हाथों की मेहंदी मिट गई। एक बेटे से उसके पिता का साया भी छिन गया। बताया जा रहा है कि मृतकों में बलवीर और कमलेश का विवाह हुआ था जबकि अनिल की तो अभी शादी भी नहीं हुई थी। कमलेश का विवाह पिछले वर्ष हुआ था। वह अपने पीछे एक बेटा और पत्नी को छोड़ गया है। तीन जवान युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। घरों में ढांढस बंधवाने पहुंच रहे लोग परिजनों के विलाप को देखकर अपने आंसू भी नहीं रोक पा रहे। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद अशयाड़ी गांव के श्मशानघाट में एक साथ तीनों युवकों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। उधर, प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।
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अशयाड़ी गांव के तीन युवक टिंबी से उतराऊ की ओर निकले थे। रविवार रात करीब 11 बजे टिपर गिरने के कारण तीनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों ने जन्माष्टमी का व्रत रखा था। कमलेश उतराऊ की ओर जा रहा था। अन्य दो युवक भी उसके साथ टिपर में सवार होकर निकल गए लेकिन, रास्ते में टिप्पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उनकी मौत हो गई। जवान बेटों के यूं जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे ने किसी की गोद सूनी कर दी है तो किसी के हाथों की मेहंदी मिट गई। एक बेटे से उसके पिता का साया भी छिन गया। बताया जा रहा है कि मृतकों में बलवीर और कमलेश का विवाह हुआ था जबकि अनिल की तो अभी शादी भी नहीं हुई थी। कमलेश का विवाह पिछले वर्ष हुआ था। वह अपने पीछे एक बेटा और पत्नी को छोड़ गया है। तीन जवान युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। घरों में ढांढस बंधवाने पहुंच रहे लोग परिजनों के विलाप को देखकर अपने आंसू भी नहीं रोक पा रहे। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद अशयाड़ी गांव के श्मशानघाट में एक साथ तीनों युवकों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। उधर, प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।
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