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आंधी-तूफान से डेढ़ करोड़ के फल तबाह
Updated Wed, 09 May 2018 10:42 PM IST
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संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)।
पिछले कई दिन से चल रहा आंधी-तूफान का कहर फलों की फसल पर भारी पड़ गया है। आंधी-तूफान के कारण सिरमौर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के फलों को नुकसान पहुंचा है। जिले में फलों की करीब 35 प्रतिशत फसल इस वजह से नष्ट होने का आकलन किया गया है। जबकि आंधी-तूफान का यह सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। जिले में आम की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा सेब, प्लम, लीची, आड़ू आदि की फसल भी तबाह हो गई है।
गौरतलब है कि इस साल मौसम की बेरुखी किसानों-बागवानों पर भारी पड़ी है। गेहूं की बिजाई के समय भयंकर सूखा पड़ने से करीब 20 फीसदी किसान बिजाई नहीं कर पाए। जिन्होंने खेतों में गेहूं की बिजाई की वह फसल भी मुरझा गई। जिलों में लगभग 39 करोड़ रुपये का गेहूं भयंकर सूखा पड़ने, बेमौसमी बरसात होने, आग लगने तथा आंधी-तूफान की वजह से तबाह हई है। अब पिछले करीब एक सप्ताह से आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने फलों की फसल को भी तबाह कर दिया है। सिरमौर में लगभग चार हजार मिट्रिक टन आम के फसल का आकलन किया गया है लेकिन हालिया आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की वजह से इसमें भारी कमी आने की आशंका है।
बागवानी विभाग के आकलन के अनुसार अकेले नाहन, पांवटा और शिलाई क्षेत्र में ही फलों को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें 74 लाख रुपये की क्षति सिर्फ आम की फसल को हुई है। तूफानी हवाएं चलने के कारण आम पेड़ों से झड़कर जमीन पर गिर गए हैं। सेब की फसल को 20 लाख की क्षति हुई है। जबकि 12 लाख का पलम भी तबाह हो गया है। बादाम, आड़ू, लीची आदि की फसल को भी लाखों रुपये की क्षति हुई है। इससे बागवान बैकफुट पर आ गए हैं। हालांकि राजगढ़ क्षेत्र में अभी तक ज्यादा नुकसान की सूचना नहीं है। उद्यान विकास अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी गई है। मौसम यूं ही खराब रहा तो नुकसान 50 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है।
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नाहन (सिरमौर)।
पिछले कई दिन से चल रहा आंधी-तूफान का कहर फलों की फसल पर भारी पड़ गया है। आंधी-तूफान के कारण सिरमौर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के फलों को नुकसान पहुंचा है। जिले में फलों की करीब 35 प्रतिशत फसल इस वजह से नष्ट होने का आकलन किया गया है। जबकि आंधी-तूफान का यह सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। जिले में आम की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा सेब, प्लम, लीची, आड़ू आदि की फसल भी तबाह हो गई है।
गौरतलब है कि इस साल मौसम की बेरुखी किसानों-बागवानों पर भारी पड़ी है। गेहूं की बिजाई के समय भयंकर सूखा पड़ने से करीब 20 फीसदी किसान बिजाई नहीं कर पाए। जिन्होंने खेतों में गेहूं की बिजाई की वह फसल भी मुरझा गई। जिलों में लगभग 39 करोड़ रुपये का गेहूं भयंकर सूखा पड़ने, बेमौसमी बरसात होने, आग लगने तथा आंधी-तूफान की वजह से तबाह हई है। अब पिछले करीब एक सप्ताह से आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने फलों की फसल को भी तबाह कर दिया है। सिरमौर में लगभग चार हजार मिट्रिक टन आम के फसल का आकलन किया गया है लेकिन हालिया आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की वजह से इसमें भारी कमी आने की आशंका है।
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बागवानी विभाग के आकलन के अनुसार अकेले नाहन, पांवटा और शिलाई क्षेत्र में ही फलों को लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें 74 लाख रुपये की क्षति सिर्फ आम की फसल को हुई है। तूफानी हवाएं चलने के कारण आम पेड़ों से झड़कर जमीन पर गिर गए हैं। सेब की फसल को 20 लाख की क्षति हुई है। जबकि 12 लाख का पलम भी तबाह हो गया है। बादाम, आड़ू, लीची आदि की फसल को भी लाखों रुपये की क्षति हुई है। इससे बागवान बैकफुट पर आ गए हैं। हालांकि राजगढ़ क्षेत्र में अभी तक ज्यादा नुकसान की सूचना नहीं है। उद्यान विकास अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी गई है। मौसम यूं ही खराब रहा तो नुकसान 50 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है।
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