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हिमाचल निर्माता के गृह क्षेत्र की सड़क खस्ताहाल
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पैच वर्क की जगह पूरी सड़क पर की जाए टारिंग
हिमाचल निर्माता के गृह क्षेत्र की सड़क खस्ताहाल
दो किलोमीटर कच्ची सड़क पर लगाए जा रहे पैच
जनप्रतिनिधि सरकार, राज्यपाल से करेंगे शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के गृह क्षेत्र को जोड़ने वाली डुंगाघाट-बागथन सड़क बदहाल की स्थिति में है। हालत यह है कि सड़क का कोई भी हिस्सा पक्का नहीं बचा है। आधा दर्जन पंचायतों को लाभान्वित करने वाली इस सड़क पर वाहन चलाना भी खतरे से खाली नहीं है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने दो किलोमीटर सड़क पर पैच लगाने के टेंडर ठेकेदार को आवंटित किए हैं। ठेकेदार ने कार्य भी शुरू कर दिया है लेकिन, सड़क पर दो किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है जहां पर पैच वर्क का कोई लाभ नहीं है। यह हिस्सा पूरी तरह से कच्चा है। लिहाजा, पैच कच्ची सड़क पर कैसे टिक पाएंगे? इसी सड़क की तीन से आठ किलोमीटर यानी करीब पांच किलोमीटर का हिस्से की सड़क पर टारिंग होनी है। हैरानी इस बात की है कि विभाग जिस सड़क पर अभी पैच वर्क कर रहा है, उसका अधिकतर क्षेत्र कच्चा है। इसको लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि जहां सड़क में पैच लगाए जा रहे हैं, उस पर पैच वर्क की जगह टारिंग से पक्का किया जाए।
पंचायत समिति सदस्य राजेंद्र ठाकुर, बजगा पंचायत प्रधान धनवीर सिंह, बागथान पंचायत प्रधान बाबूराम सिंह, उपप्रधान अनूप ठाकुर, पूर्व पंचायत प्रधान भूपेंद्र भंडारी, राजेश शर्मा, विजयपाल और रणधीर सिंह ने बताया कि डुंगाघाट-बागथन सड़क की कुल लंबाई 14 किलोमीटर है। इस सड़क का आधे से ज्यादा क्षेत्र कच्चे में तबदील हो चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क के जिस क्षेत्र में पैच लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह कच्चे में तबदील हो चुका है। इसके बावजूद पैच वर्क किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि वे पंचायत से प्रस्ताव पास करके इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को भेजेंगे। विभाग को चाहिए कि वह ठेकेदार से एक तरफ से सड़क पक्का कराए। उन्होंने कहा कि यदि इस पर सरकार और विभाग ने संज्ञान नहीं लिया तो क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल से भी मिलेगा। उधर, अधिशासी अभियंता केएल चौधरी ने बताया कि सड़क के एक से तीन किलोमीटर के बीच में पैच वर्क लगाए जाएंगे। इसके बाद से तीन किलोमीटर से आठ किलोमीटर के बीच की सड़क को पूरी तरह से पक्का किया जाएगा। ठेकेदार को कहा जाएगा कि वह एक तरफ से सड़क को सही करते हुए चले, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
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हिमाचल निर्माता के गृह क्षेत्र की सड़क खस्ताहाल
दो किलोमीटर कच्ची सड़क पर लगाए जा रहे पैच
जनप्रतिनिधि सरकार, राज्यपाल से करेंगे शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के गृह क्षेत्र को जोड़ने वाली डुंगाघाट-बागथन सड़क बदहाल की स्थिति में है। हालत यह है कि सड़क का कोई भी हिस्सा पक्का नहीं बचा है। आधा दर्जन पंचायतों को लाभान्वित करने वाली इस सड़क पर वाहन चलाना भी खतरे से खाली नहीं है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने दो किलोमीटर सड़क पर पैच लगाने के टेंडर ठेकेदार को आवंटित किए हैं। ठेकेदार ने कार्य भी शुरू कर दिया है लेकिन, सड़क पर दो किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है जहां पर पैच वर्क का कोई लाभ नहीं है। यह हिस्सा पूरी तरह से कच्चा है। लिहाजा, पैच कच्ची सड़क पर कैसे टिक पाएंगे? इसी सड़क की तीन से आठ किलोमीटर यानी करीब पांच किलोमीटर का हिस्से की सड़क पर टारिंग होनी है। हैरानी इस बात की है कि विभाग जिस सड़क पर अभी पैच वर्क कर रहा है, उसका अधिकतर क्षेत्र कच्चा है। इसको लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि जहां सड़क में पैच लगाए जा रहे हैं, उस पर पैच वर्क की जगह टारिंग से पक्का किया जाए।
पंचायत समिति सदस्य राजेंद्र ठाकुर, बजगा पंचायत प्रधान धनवीर सिंह, बागथान पंचायत प्रधान बाबूराम सिंह, उपप्रधान अनूप ठाकुर, पूर्व पंचायत प्रधान भूपेंद्र भंडारी, राजेश शर्मा, विजयपाल और रणधीर सिंह ने बताया कि डुंगाघाट-बागथन सड़क की कुल लंबाई 14 किलोमीटर है। इस सड़क का आधे से ज्यादा क्षेत्र कच्चे में तबदील हो चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क के जिस क्षेत्र में पैच लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह कच्चे में तबदील हो चुका है। इसके बावजूद पैच वर्क किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि वे पंचायत से प्रस्ताव पास करके इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को भेजेंगे। विभाग को चाहिए कि वह ठेकेदार से एक तरफ से सड़क पक्का कराए। उन्होंने कहा कि यदि इस पर सरकार और विभाग ने संज्ञान नहीं लिया तो क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल से भी मिलेगा। उधर, अधिशासी अभियंता केएल चौधरी ने बताया कि सड़क के एक से तीन किलोमीटर के बीच में पैच वर्क लगाए जाएंगे। इसके बाद से तीन किलोमीटर से आठ किलोमीटर के बीच की सड़क को पूरी तरह से पक्का किया जाएगा। ठेकेदार को कहा जाएगा कि वह एक तरफ से सड़क को सही करते हुए चले, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
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