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फूड प्वाइजनिंग में खुली सेहत महकमे की पोल
Updated Mon, 20 Nov 2017 07:36 PM IST
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योगेंद्र कपिला
संगड़ाह (सिरमौर)।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में अव्वल होने के दावों पर संतोष नहीं किया जा सकता। रेणुका विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह अस्पताल में सोमवार को एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीजों को दाखिल करना पड़ा।
दरअसल, लुधियाणा पंचायत के धमास गांव में फूड प्वाइजनिंग से लगभग तमाम ग्रामीण बीमार हुए तो अस्पताल में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई। ऐसे में तीन-तीन मरीज एक बिस्तर पर लिटाए गए। हालांकि, उपचार के लिए 37 को छुट्टी दे दी गई। आठ मरीज अभी भी अस्पताल में दाखिल हैं।
रेणुका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संगड़ाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों का मर्ज कम होने की बजाय बढ़ रहा है। सोमवार को फूड प्वाइजनिंग की वजह से जब अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई तो उन्हें दाखिल करने तक को जगह नहीं मिली। मजबूरन एक बैड पर कहीं दो तो कहीं तीन मरीजों को दाखिल करना पड़ा। 41 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने वाले इस अस्पताल में बिस्तरों की उचित व्यवस्था नहीं है।
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छह साल में अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार नहीं हुआ। अस्पताल में भवन, स्टाफ व बिस्तरों की कमी के चलते यहां पर इलाज करवाने आने वाले मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात यह है कि मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण एक एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीजों को दाखिल किया जा रहा है। 200 से अधिक ओपीडी वाले अस्पताल में 30 से 40 मरीज दाखिल करने पड़ते हैं। जबकि यहां पर महज छह बिस्तरों की ही सुविधा है।
हालांकि, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा ने अपने प्रयासों से इस स्वास्थ्य केंद्र के तीन कमरों में 15 बिस्तरों की व्यवस्था की, लेकिन रोगी बढ़ने से यह संख्या भी नाकाफी साबित हो रही है। 5.40 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अस्पताल भवन का कार्य पिछले करीब 6 वर्षों से लटका हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इसका शिलान्यास छह साल पहले किया था लेकिन वर्ष 2016 में सीपीएस विनय कुमार ने भूमि पूजन कर इसका कार्य आरंभ करवाया। अभी भी निर्माण कार्य कछुआ गत से चल रहा है। उधर, इस संदर्भ में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि रिक्त पदों की सूची हर माह सरकार को भेजी जाती है। कुछ अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती कर भी दी है।
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संगड़ाह (सिरमौर)।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में अव्वल होने के दावों पर संतोष नहीं किया जा सकता। रेणुका विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह अस्पताल में सोमवार को एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीजों को दाखिल करना पड़ा।
दरअसल, लुधियाणा पंचायत के धमास गांव में फूड प्वाइजनिंग से लगभग तमाम ग्रामीण बीमार हुए तो अस्पताल में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई। ऐसे में तीन-तीन मरीज एक बिस्तर पर लिटाए गए। हालांकि, उपचार के लिए 37 को छुट्टी दे दी गई। आठ मरीज अभी भी अस्पताल में दाखिल हैं।
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रेणुका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संगड़ाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों का मर्ज कम होने की बजाय बढ़ रहा है। सोमवार को फूड प्वाइजनिंग की वजह से जब अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई तो उन्हें दाखिल करने तक को जगह नहीं मिली। मजबूरन एक बैड पर कहीं दो तो कहीं तीन मरीजों को दाखिल करना पड़ा। 41 पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने वाले इस अस्पताल में बिस्तरों की उचित व्यवस्था नहीं है।
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छह साल में अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार नहीं हुआ। अस्पताल में भवन, स्टाफ व बिस्तरों की कमी के चलते यहां पर इलाज करवाने आने वाले मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात यह है कि मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण एक एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीजों को दाखिल किया जा रहा है। 200 से अधिक ओपीडी वाले अस्पताल में 30 से 40 मरीज दाखिल करने पड़ते हैं। जबकि यहां पर महज छह बिस्तरों की ही सुविधा है।
हालांकि, खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा ने अपने प्रयासों से इस स्वास्थ्य केंद्र के तीन कमरों में 15 बिस्तरों की व्यवस्था की, लेकिन रोगी बढ़ने से यह संख्या भी नाकाफी साबित हो रही है। 5.40 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अस्पताल भवन का कार्य पिछले करीब 6 वर्षों से लटका हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इसका शिलान्यास छह साल पहले किया था लेकिन वर्ष 2016 में सीपीएस विनय कुमार ने भूमि पूजन कर इसका कार्य आरंभ करवाया। अभी भी निर्माण कार्य कछुआ गत से चल रहा है। उधर, इस संदर्भ में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि रिक्त पदों की सूची हर माह सरकार को भेजी जाती है। कुछ अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती कर भी दी है।