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गिरि पावर हाउस में रुकी टरवाइनें, उत्पादन ठप
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:07 PM IST
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ददाहू (सिरमौर)। क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के चलते जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं गिरि नदी की सहायक जलाल नदी में बाढ़ आने से सिल्ट बढ़ने से विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। शनिवार मध्यरात्रि के बाद अचानक बाढ़ आने से मशीनों को बंद करना पड़ा। जटोन बेराज में 10 विशाल गेटों में से 9 गेटों को खोल दिया गया है। टरवाइनों को बंद करने से बिजली बोर्ड को लाखों रुपये की चपत सहन करनी पड़ी है।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मध्यरात्रि के बाद करीब ढाई बजे बाढ़ आने से 4 गेटों को 18 इंच तक खोलना पड़ा। लेकिन, बाढ़ के साथ बहकर आई सिल्ट के कारण मशीनें बंद करनी पड़ीं। सिल्ट कम नहीं होने पर रविवार सुबह साढ़े चार बजे 5 अन्य गेट भी खोल दिए गए। गिरि विद्युत परियोजना में 60 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए करीब 47 क्यूमेक्स पानी की आवश्यकता रहती है। लेकिन, रविवार सुबह सिल्ट का प्रभाव 7500 पीपीएम तक पहुंच गया। इससे मशीनों को भारी खतरा था। मशीनों को बंद करने से उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया। उधर, बांध परियोजना के सहायक अभियंता कमलजीत शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सिल्ट का प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ने के कारण मशीनों को बंद कर दिया गया। इस कारण विद्युत उत्पादन पूरी तरह ठप रहा।
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बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मध्यरात्रि के बाद करीब ढाई बजे बाढ़ आने से 4 गेटों को 18 इंच तक खोलना पड़ा। लेकिन, बाढ़ के साथ बहकर आई सिल्ट के कारण मशीनें बंद करनी पड़ीं। सिल्ट कम नहीं होने पर रविवार सुबह साढ़े चार बजे 5 अन्य गेट भी खोल दिए गए। गिरि विद्युत परियोजना में 60 मेगावाट विद्युत उत्पादन के लिए करीब 47 क्यूमेक्स पानी की आवश्यकता रहती है। लेकिन, रविवार सुबह सिल्ट का प्रभाव 7500 पीपीएम तक पहुंच गया। इससे मशीनों को भारी खतरा था। मशीनों को बंद करने से उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया। उधर, बांध परियोजना के सहायक अभियंता कमलजीत शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सिल्ट का प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ने के कारण मशीनों को बंद कर दिया गया। इस कारण विद्युत उत्पादन पूरी तरह ठप रहा।
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