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उद्यमियों को बुनियादी सुविधाएं दें सरकार
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
हिमाचल सरकार 9 मार्च को अपना पहला बजट पेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस बजट को पेश करेंगे। ऐसे में उनके पहले बजट से प्रदेश के विभिन्न वर्गों को उम्मीदों की आस है। इस बजट से जहां व्यापारी, छात्र, कर्मचारी, आमजन राहत की आस लगाए बैठे हैं वहीं औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के उद्यमी भी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद कर रहे हैं।
कालाअंब में औद्योगिक क्षेत्र को विकसित हुए 15 वर्ष हो चुके हैं लेकिन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। इसमें बिजली, पानी, सड़कें शामिल हैं। हैरानी की बात है कि सरकार को लाखों का राजस्व देने वाले उद्योगों को ही बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां न तो उद्योगों के लिए पेयजल योजना बनी है। न ही सड़कों को ही बेहतर बनाया गया है। बिजली दरों में भी कटौती की बजाए बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सभी उद्यमी सरकार के पहले बजट से बुनियादी सुविधाओं की घोषणा होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
कारोबारी मंजीत सिंह ने कहा कि बजट में उद्योगों को राहत पहुंचाने के लिए ऐसा प्रावधान हो जिससे वह पलायन न करें। निवेशक यहां निवेश करें इसके लिए सुविधाएं दी जानी चाहिए।
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जबकि राजेश गुप्ता ने कहा कि उद्योगों के लिए कोई विशेष पैकेज की घोषणा हो। अन्य राज्यों की तर्ज पर कोई योजना बनाकर उद्योगीकरण को बढ़ावा दिया जाए।
सीएस पुष्करणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। सुविधाएं होंगी तो निवेशक आएंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा।
इसके अलावा विजय बंसल ने कहा कि उद्योगों को बिजली, पानी, सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं की दरकार है। कहीं सड़कें बीमार हैं तो कहीं पानी की किल्लत। बजट में इन सुविधाओं को मुहैया करवाने का प्रावधान होना चाहिए।
जबकि रजनीश खरबंदा ने कहा कि उद्योग जहां सरकार को राजस्व दे रहे हैं। वहीं रोजगार भी दे रहे हैं। ऐसे में बजट उद्योगों को राहत देने वाला हो। राज्य स्तर पर उद्योगों पर करों का बोझ न डाला जाए।
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कालाअंब (सिरमौर)।
हिमाचल सरकार 9 मार्च को अपना पहला बजट पेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस बजट को पेश करेंगे। ऐसे में उनके पहले बजट से प्रदेश के विभिन्न वर्गों को उम्मीदों की आस है। इस बजट से जहां व्यापारी, छात्र, कर्मचारी, आमजन राहत की आस लगाए बैठे हैं वहीं औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के उद्यमी भी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद कर रहे हैं।
कालाअंब में औद्योगिक क्षेत्र को विकसित हुए 15 वर्ष हो चुके हैं लेकिन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। इसमें बिजली, पानी, सड़कें शामिल हैं। हैरानी की बात है कि सरकार को लाखों का राजस्व देने वाले उद्योगों को ही बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां न तो उद्योगों के लिए पेयजल योजना बनी है। न ही सड़कों को ही बेहतर बनाया गया है। बिजली दरों में भी कटौती की बजाए बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सभी उद्यमी सरकार के पहले बजट से बुनियादी सुविधाओं की घोषणा होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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कारोबारी मंजीत सिंह ने कहा कि बजट में उद्योगों को राहत पहुंचाने के लिए ऐसा प्रावधान हो जिससे वह पलायन न करें। निवेशक यहां निवेश करें इसके लिए सुविधाएं दी जानी चाहिए।
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जबकि राजेश गुप्ता ने कहा कि उद्योगों के लिए कोई विशेष पैकेज की घोषणा हो। अन्य राज्यों की तर्ज पर कोई योजना बनाकर उद्योगीकरण को बढ़ावा दिया जाए।
सीएस पुष्करणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। सुविधाएं होंगी तो निवेशक आएंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा।
इसके अलावा विजय बंसल ने कहा कि उद्योगों को बिजली, पानी, सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं की दरकार है। कहीं सड़कें बीमार हैं तो कहीं पानी की किल्लत। बजट में इन सुविधाओं को मुहैया करवाने का प्रावधान होना चाहिए।
जबकि रजनीश खरबंदा ने कहा कि उद्योग जहां सरकार को राजस्व दे रहे हैं। वहीं रोजगार भी दे रहे हैं। ऐसे में बजट उद्योगों को राहत देने वाला हो। राज्य स्तर पर उद्योगों पर करों का बोझ न डाला जाए।