{"_id":"5a81ce624f1c1b4e588b8355","slug":"21518456418-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साल पहले टूटी वर्षा शालिका नहीं बनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साल पहले टूटी वर्षा शालिका नहीं बनाई
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
साल पहले टूटी वर्षा शालिका नहीं बनाई
सतौन में गिरिपुल के समीप खुले आसमान तक इंतजार कर रहे मुसाफिर
सतौन (सिरमौर)।
सतौन में गिरि पुल के समीप बनी वर्षाशालिका टूट गई है। इस वजह से यहां मुसाफिर खुले में भीगने को विवश हो गए हैं। इसको बनाने में एनएच विभाग की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। एक साल पहले अज्ञात शरारती तत्वों ने गिरिपुल की उद्घाटन पट्टिका और वर्षाशालिका को तोड़ दिया था। ढहने के कगार पर पहुंची वर्षा शालिका को लोनिवि ने हादसों के भय के चलते पूरा गिरा दिया लेकिन अब उसकी जगह नई वर्षाशालिका नहीं बनाई जा रही।
सतौन, सरा कांडो, नाड़ी और मानल के स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों के अलावा कई मुसाफिर यहां बस का इंतजार करते हैं। धूप हो या बरसात, लोग खुले आसमान तले इंतजार को विवश हैं। लोगों ने मांग की है कि वर्षा शालिका को जल्द बनाया जाए।
उधर, एनएच कफोटा उपमंडल के कनिष्ठ अभियंता संजय अग्रवाल ने बताया कि एनएच 707 बद्रीपुर से गम्मा तक कई जगह वर्षा शालिकाएं बनाई जाएंगी।
------------
सतौन में गिरिपुल के समीप खुले आसमान तक इंतजार कर रहे मुसाफिर
सतौन (सिरमौर)।
सतौन में गिरि पुल के समीप बनी वर्षाशालिका टूट गई है। इस वजह से यहां मुसाफिर खुले में भीगने को विवश हो गए हैं। इसको बनाने में एनएच विभाग की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। एक साल पहले अज्ञात शरारती तत्वों ने गिरिपुल की उद्घाटन पट्टिका और वर्षाशालिका को तोड़ दिया था। ढहने के कगार पर पहुंची वर्षा शालिका को लोनिवि ने हादसों के भय के चलते पूरा गिरा दिया लेकिन अब उसकी जगह नई वर्षाशालिका नहीं बनाई जा रही।
सतौन, सरा कांडो, नाड़ी और मानल के स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों के अलावा कई मुसाफिर यहां बस का इंतजार करते हैं। धूप हो या बरसात, लोग खुले आसमान तले इंतजार को विवश हैं। लोगों ने मांग की है कि वर्षा शालिका को जल्द बनाया जाए।
विज्ञापन
उधर, एनएच कफोटा उपमंडल के कनिष्ठ अभियंता संजय अग्रवाल ने बताया कि एनएच 707 बद्रीपुर से गम्मा तक कई जगह वर्षा शालिकाएं बनाई जाएंगी।
------------