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फर्जी सीबीआई अफसर व दारोगा को दो-दो साल की कैद
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:21 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
सीजेएम नाहन डॉ. आबीरा बासु की अदालत ने फर्जी अफसर बनकर एक पुजारी से 50 हजार रुपये मांगने और जेल में डालने की धमकी देने वाले दो दोषियों को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जानकारी देते हुए सहायक जिला न्यायवादी रूमींद्र बैंस ने बताया कि मामला 4 फरवरी 2015 का है। उन्होंने बताया कि देहरादून के रहने वाले दोषी अमित सिंघल और अरुण शर्मा रेणुका विधानसभा के संगड़ाह उपमंडल के तहत आने वाले थाना खेगुआ में रहने वाले पंडित दयाराम शर्मा के घर पहुंचे। इसके बाद अमित ने अपने आपको सीबीआई अफसर के रूप में पेश किया। जबकि, साथ पहुंचे दूसरे व्यक्ति अरुण को दारोगा बताया। बातचीत के दौरान दोनों आरोपी दयाराम शर्मा से 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। जब दयाराम ने पैसे देने से इनकार कर दिया को दोषियों ने उसे हवालात में डालने की धमकी भी दी। इस मामले की शिकायत दयाराम ने पुलिस थाने में की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तफ्तीश पूरी करने पर अदालत में चालान पेश किया। तमाम गवाहों के बयानातों और साक्ष्यों के आधार पर डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने दोनों आरोपियों को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी दोषियों को अदा करना होगा।
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नाहन (सिरमौर)।
सीजेएम नाहन डॉ. आबीरा बासु की अदालत ने फर्जी अफसर बनकर एक पुजारी से 50 हजार रुपये मांगने और जेल में डालने की धमकी देने वाले दो दोषियों को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जानकारी देते हुए सहायक जिला न्यायवादी रूमींद्र बैंस ने बताया कि मामला 4 फरवरी 2015 का है। उन्होंने बताया कि देहरादून के रहने वाले दोषी अमित सिंघल और अरुण शर्मा रेणुका विधानसभा के संगड़ाह उपमंडल के तहत आने वाले थाना खेगुआ में रहने वाले पंडित दयाराम शर्मा के घर पहुंचे। इसके बाद अमित ने अपने आपको सीबीआई अफसर के रूप में पेश किया। जबकि, साथ पहुंचे दूसरे व्यक्ति अरुण को दारोगा बताया। बातचीत के दौरान दोनों आरोपी दयाराम शर्मा से 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। जब दयाराम ने पैसे देने से इनकार कर दिया को दोषियों ने उसे हवालात में डालने की धमकी भी दी। इस मामले की शिकायत दयाराम ने पुलिस थाने में की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तफ्तीश पूरी करने पर अदालत में चालान पेश किया। तमाम गवाहों के बयानातों और साक्ष्यों के आधार पर डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने दोनों आरोपियों को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी दोषियों को अदा करना होगा।
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