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धान की फसल पर पता लपेट रोग का कहर
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धौलाकुआं (सिरमौर)।
जिला सिरमौर के अंतर्गत पांवटा साहिब क्षेत्र के हजारों किसान बैकफुट पर आ गए हैं। इलाके की मुख्य नकदी फसल धान पर पत्ता लपेट रोग ने हमला बोल दिया है जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि में खड़ी धान की फसल तबाह होने के कगार पर पहुंच गई है। इससे किसान बैकफुट पर आ गए हैं। पत्ता लपेट रोग लगने से इस साल धान के उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है।
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने धान के खेतों का मुआयना करने के बाद नियमित रूप से दवाइयों का छिड़काव करने की सलाह दी है।
पांवटा खंड में धान की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। सैकड़ों परिवारों की आजीविका धान पर निर्भर है। हर साल छह से सात लाख क्विंटल धान की पैदावार होती है लेकिन इस साल पत्ता लपेट रोग लगने से धान के उत्पादन में कमी आने की संभावना है। इस रोग के पनपने से किसान चिंतित हो गए हैं। धान के हरे-भरे पौधों की पत्तियां सफेद पड़कर मुरझाने लगी हैं। पांवटा के मिश्रवाला, भगवानपुर, नवादा, मानपुर देवड़ा, गुलाबगढ़, जामनी वाला, कुडियों, बहराल सहित पूरे इलाके में इस रोग ने पांव पसार लिए हैं।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि इलाके में जरूरत के अनुसार बारिश नहीं हो रही है। कभी मौसम खराब तो कभी साफ होने से तापमान मेें उतार-चढ़ाव हो रहा है। इस वजह से पत्ता लपेट रोग ने खेतों में दस्तक दे दी है। किसान शयाम लाल, राम स्वरूप, खेेमचंद, इंतजार अली, रिजवान, राजू चौहान ने बताया कि धान की फसल एक माह पहले लगाई थी। पिछले एक सप्ताह से फसल की ग्रोथ रुक गई है। धान की पत्तियां मुरझाकर सफेद पड़ने लगी हैं। कई पत्तियां लाल भी हो गई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि बीमारी पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो इलाके की तमाम फसल नष्ट हो सकती है। इस वजह से इस साल उत्पादन में भी कमी आने की आशंका है।
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उधर, कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. अखिलेश ने बताया कि इस साल धान की फसल में पता लपेट रोग की शिकायत कई गांव से मिली है। मौके पर जब इसका अध्ययन किया गया तो यह पत्ता रोग बीमारी पाई गई। इससे बचाव के लिए किसानों को ढाई ग्राम क्लोरोपारीफॉस एक लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करना होगा। नियमित रूप से इसका छिड़काव करने से बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
--धान की फसल पर पत्ता लपेट रोग का कहर
--हजारों हेक्टेयर भूमि पर फसल को नुकसान
बैकफुट पर आए किसान, गिरेगा उत्पादन
कृषि वैज्ञानिकों ने दी छिड़काव की सलाह