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1.25 करोड़ से संवरेगा रेणुका झील का परिक्रमा मार्ग
Updated Mon, 07 May 2018 11:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़े रेणुका जी तीर्थ के परिक्रमा मार्ग की दशा अब सुधर जाएगी। वन्य प्राणी विभाग ने 1.25 करोड़ रुपये की लागत से पूरे मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगवाने का प्राक्कलन तैयार करके सरकार को भेजा है। सरकार द्वारा स्वीकृति मिलते ही इस मार्ग की दशा को सुधारा जा सकेगा। गहरे हरे रंग की टाइलों से यह मार्ग कुछ अलग अंदाज में दिखाई देगा।
वन्य प्राणी विभाग मार्ग पर टाइलें लगवाने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंपेगा। लोनिवि द्वारा ही 3.3 किमी लंबे इस परिक्रमा मार्ग पर टाइलें लगवाने का प्राक्कलन तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि परिक्रमा मार्ग की हालत खस्ता होने से जहां श्रद्धालुओं को चलने में भारी दिक्कतें हो रही हैं।
वहीं विभाग द्वारा स्थापित दोनों बैटरी वाहन भी समय-समय पर खराब हो रहे हैं। अधिकतर श्रद्धालु रेणुका झील की नंगे पांव परिक्रमा करते हैं लेकिन पिछले लंबे समय से ही इस मार्ग की हालत खस्ता बनी हुई है जिस पर पैदल तक चल पाना दुश्वार हो रहा है। श्रद्धालुओं को पेश आ रही दिक्कतों का ‘अमर उजाला’ ने कई बार प्रमुखता से प्रकाशित कर विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने परिक्रमा मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगाने का प्राक्कलन तैयार करवा कर स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया है।
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उधर, वन्य प्राणी विभाग शिमला के डीएफओ राजेश शर्मा ने कहा कि करीब 1.25 करोड़ रुपये की राशि इस मार्ग के निर्माण पर खर्च की जानी है। प्राक्कलन तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया गया है।
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ददाहू (सिरमौर)। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़े रेणुका जी तीर्थ के परिक्रमा मार्ग की दशा अब सुधर जाएगी। वन्य प्राणी विभाग ने 1.25 करोड़ रुपये की लागत से पूरे मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगवाने का प्राक्कलन तैयार करके सरकार को भेजा है। सरकार द्वारा स्वीकृति मिलते ही इस मार्ग की दशा को सुधारा जा सकेगा। गहरे हरे रंग की टाइलों से यह मार्ग कुछ अलग अंदाज में दिखाई देगा।
वन्य प्राणी विभाग मार्ग पर टाइलें लगवाने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंपेगा। लोनिवि द्वारा ही 3.3 किमी लंबे इस परिक्रमा मार्ग पर टाइलें लगवाने का प्राक्कलन तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि परिक्रमा मार्ग की हालत खस्ता होने से जहां श्रद्धालुओं को चलने में भारी दिक्कतें हो रही हैं।
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वहीं विभाग द्वारा स्थापित दोनों बैटरी वाहन भी समय-समय पर खराब हो रहे हैं। अधिकतर श्रद्धालु रेणुका झील की नंगे पांव परिक्रमा करते हैं लेकिन पिछले लंबे समय से ही इस मार्ग की हालत खस्ता बनी हुई है जिस पर पैदल तक चल पाना दुश्वार हो रहा है। श्रद्धालुओं को पेश आ रही दिक्कतों का ‘अमर उजाला’ ने कई बार प्रमुखता से प्रकाशित कर विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने परिक्रमा मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगाने का प्राक्कलन तैयार करवा कर स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया है।
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उधर, वन्य प्राणी विभाग शिमला के डीएफओ राजेश शर्मा ने कहा कि करीब 1.25 करोड़ रुपये की राशि इस मार्ग के निर्माण पर खर्च की जानी है। प्राक्कलन तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया गया है।