नाहन (सिरमौर)। नव युवक मंडल की ओर से आयोजित श्रीगणेश उत्सव का शनिवार को मूर्ति विसर्जन के साथ समापन हो गया। हिंदू आश्रम नाहन में स्थापित भगवान श्रीगणेश की मूर्ति का रविवार दोपहर बाद पांवटा स्थित यमुना नदी में विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया..के जयकारे लगाए। सुबह 11 बजे हिंदू आश्रम में भगवान श्रीगणेश के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीगणेश की 5.6 फीट ऊंची मूर्ति के साथ श्रद्धालुओं ने शहर में शोभायात्रा निकाली। इस दौरान उन्हें नाहन के हिंदू आश्रम, दिल्ली गेट, चौगान, नया बाजार आदि स्थानों में भ्रमण करवाया गया। दोपहर बाद गणेश की मूर्ति को लेकर नाहन से श्रद्धालुओं की टोली नवयुवक मंडल प्रधान अमिल अग्रवाल उर्फ बिल्ला, अशोक अग्रवाल, प्रदीप विज, अनिल शर्मा उर्फ टीपू, अजय बंसल, कमल भंडारी, बुद्धि बल्लव, नीरज जैन, धर्मवीर वर्मा, दीपक चौधरी, सुधीर, संजय अग्रवाल, दिनेश, संजीव चीना आदि की अगुवाई में 47 किलोमीटर दूर पांवटा साहिब के लिए रवाना हुई। यहां यमुना नदी के किनारे पहुंच कर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीगणेश के जयकारों के साथ उनकी मूर्ति को पूजा-अर्चना के साथ नदी में विसर्जित कर दिया। इससे पहले शनिवार देर शाम को हिंदू आश्रम नाहन में भगवान श्री गणेश जी की आरती का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें शहर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना.. तेरी महिमा शारदे मां..से की गई। तत्पश्चात गायक राहुल संत और दीपक चौधरी ने श्री गणेश एवं भगवान शिव के भजन गाकर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। तरुण संत ने देवा ओ देवा गणपति देवा, गणपति राखो मोही लाज... तथा राहुल संत ने गणपति बप्पा मोरया, सांवरिया आजा, ओम नमो शिवाय, मैं तो कहूं बजाकर ढोल.. आदि शानदार भजन गाकर भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। विशेषकर महिला श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा गया। अंत में दीपक चौधरी ने जय गणेश.. जय गणेश देवा, पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा गाकर समारोह का समापन किया। इस मौके पर भक्तों ने भगवान की आरती करने के साथ-साथ श्री गणेश को भोग भी लगाया।