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रेणुका तीर्थ के कण-कण में विराजमान हैं सुंदर मुनि: रेणेंद्र
Updated Thu, 08 Mar 2018 09:56 PM IST
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रेणुका में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
ददाहू (सिरमौर)। रेणुकाजी तीर्थ में निर्वाण आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महात्मा सुंदर मुनि निर्वाण की 24वीं पुण्यतिथि वीरवार को उल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से ब्रह्मलीन सुंदर मुनि निर्वाण को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उदासीन संप्रदाय से जुड़े कई संत और महात्माओं सहित पूरे उत्तरी भारत से पहुंचे श्रद्धालुओं ने रेणुकाजी तीर्थ में महात्मा सुंदर मुनि की तप साधना और सेवा को साझा कर कहा कि निर्वाणजी की यादें इस तीर्थ के कण-कण में विराजमान हैं। वह ब्रह्मलीन होकर भी दिव्य नेत्रों से अपने शिष्य और भक्तों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को निहार रहे हैं। रेणुकाजी तीर्थ में उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। निर्वाण आश्रम के संचालक और महंत स्वामी रेणेंद्र मुनि ने बताया कि भागवत कथा का आयोजन एक से 7 मार्च तक किया गया। इससे पूर्व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन महात्मा निर्वाण की प्रतिमा पर जलाभिषेक और पुष्पवर्षा से किया गया। गीत संगीत के साथ आयोजित की गई इस श्रद्धांजलि सभा से पूरी रेणुका घाटी भक्ति रस में डूब गई। सभी संत महात्माओं ने बारी-बारी से महात्मा निर्वाण जी की यादों को ताजा किया। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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ददाहू (सिरमौर)। रेणुकाजी तीर्थ में निर्वाण आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महात्मा सुंदर मुनि निर्वाण की 24वीं पुण्यतिथि वीरवार को उल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से ब्रह्मलीन सुंदर मुनि निर्वाण को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उदासीन संप्रदाय से जुड़े कई संत और महात्माओं सहित पूरे उत्तरी भारत से पहुंचे श्रद्धालुओं ने रेणुकाजी तीर्थ में महात्मा सुंदर मुनि की तप साधना और सेवा को साझा कर कहा कि निर्वाणजी की यादें इस तीर्थ के कण-कण में विराजमान हैं। वह ब्रह्मलीन होकर भी दिव्य नेत्रों से अपने शिष्य और भक्तों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को निहार रहे हैं। रेणुकाजी तीर्थ में उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। निर्वाण आश्रम के संचालक और महंत स्वामी रेणेंद्र मुनि ने बताया कि भागवत कथा का आयोजन एक से 7 मार्च तक किया गया। इससे पूर्व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन महात्मा निर्वाण की प्रतिमा पर जलाभिषेक और पुष्पवर्षा से किया गया। गीत संगीत के साथ आयोजित की गई इस श्रद्धांजलि सभा से पूरी रेणुका घाटी भक्ति रस में डूब गई। सभी संत महात्माओं ने बारी-बारी से महात्मा निर्वाण जी की यादों को ताजा किया। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।