फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   अभिभावकों को खुले हाथों से लूट रहे निजी स्कूल

अभिभावकों को खुले हाथों से लूट रहे निजी स्कूल

Sun, 10 Mar 2019 10:31 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Mar 2019 10:31 PM IST
विज्ञापन
अभिभावकों को खुले हाथों से लूट रहे निजी स्कूल
अभिभावकों को लूट रहे निजी स्कूल
विज्ञापन

फीस, रिएडमिशन, वार्षिक समारोह, कई फंडों के नाम पर हो रही लूट
जनवादी महिला समिति ने निजी स्कूलों पर जड़े कई आरोप
हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना नहीं होने पर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जनवादी महिला समिति ने जिला के निजी स्कूलों पर अभिभावकों को लूटने का आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि निजी स्कूल फीस, एडमिशन, रिएडमिशन, दूसरे फंड के नाम पर अभिभावकों को दोनों हाथों से लूट रहे हैं। जबकि इस संदर्भ में हाईकोर्ट सख्त आदेश जारी कर चुका है। लेकिन, जिला में यह लूट थमने का नाम नहीं ले रही है।

समिति की बैठक नाहन में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता समिति की राज्य अध्यक्ष संतोष कपूर ने की। बैठक में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा छाया रहा। बैठक में महिलाओं ने इस बात को लेकर गहरी आपत्ति जाहिर की कि जिला के कुछ निजी स्कूलों ने अपने ही अलग नियम बना रखे हैं। कुछ निजी स्कूल रिपोर्ट कार्ड के साथ ही अभिभावकों पर बच्चों की एडमिशन करवाने का दबाव बना रहे हैं। अन्यथा एडमिशन के बाद ही रिपोर्ट कार्ड देने की बात कर रहे हैं। इससे अभिभावक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष संतोष कपूर ने कहा कि निजी स्कूल एक ओर जहां मनमानी फीस, एडमिशन एवं रिएडमिशन के नाम पर अभिभावकों को लूट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर फर्नीचर फंड, बिल्डिंग फंड सहित अन्य कई फंडों के नाम पर अभिभावकों से मनमाना पैसा वसूल कर रहे हैं। महिलाओं ने इस बात को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की कि जिला के निजी स्कूल हाईकोर्ट के आदेशों की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। बैठक में उपस्थित महिलाओं ने कई प्रस्ताव पारित किए। इनमें निजी स्कूल प्रबंधकों से मनमानी फीस, फर्नीचर फंड, भवन फंड को न लेने की मांग की। साथ ही रिएडमिशन को तुरंत प्रभाव से बंद करने की भी मांग की। महिलाओं ने कहा कि निजी स्कूलों को अपना ढांचा पारदर्शी रखना चाहिए। वार्षिक समारोह के नाम से जो पैसा वसूला जा रहा है उसे भी बंद करना चाहिए। प्रदेशाध्यक्ष संतोष कपूर, कमलेश, गीता, पदमा, सपना, कंचन, सुमित्रा, मीना, पूनम, सपना, आरती, राखी, अनुराधा, सरिता, नीना, अर्चना, प्रीति, सीमा, रेखा आदि ने इस मामले में जिला प्रशासन से सख्ती बरतने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed