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आउटसोर्स कर्मियों को जारी किया जाए न्यूनतम वेतन
Updated Sat, 06 Oct 2018 10:13 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। सीटू की जिला सिरमौर कमेटी नेे आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर की अगुवाई में डीसी से मिले कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम वेतन जारी करने के साथ-साथ श्रम नियमों के तहत मिलने वाली सुविधाओं को दिए जाने की मांग उठाई। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि विभिन्न विभागों में हजारों की संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं लेकिन ठेकेदार और निजी कंपनियां ऐसे कर्मियों को न्यूनतम वेतन और श्रम कानूनों के अनुसार मिलने वाली सुविधाएं नहीं दे रही हैं। कई साल से सेवाओं में जुटे ऐसे कर्मियों को स्थायी अथवा अनुबंध के आधार पर लाने के लिए सरकार भी कोई नीति तैयार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए गए लेकिन इन आश्वासनों को अमल में नहीं लाया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में मांग की कि सभी आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी किया जाए। इसके लिए सरकार जल्द नीति बनाए। कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक सभी आउटसोर्स कर्मियों को समान काम का समान वेतन देने, श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश और मेडिकल की छुट्टियां लागू करने के साथ ही अतिरिक्त कार्य के लिए दोगुने हिसाब से ओवरटाइम का भुगतान करने और ऐसे कर्मियों को नौकरी से बाहर का रास्ता न दिखाने के आदेश हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे कर्मियों से जुड़ी सभी मांगों पर सहानुभूति से विचार कर पूरा किया जाए। इस अवसर पर सीटू अध्यक्ष लाल सिंह, अमित शर्मा, संजय कुमार, राजेश, अनिल, अमिता चौहान व मलिक आदि उपस्थित रहे।
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नाहन (सिरमौर)। सीटू की जिला सिरमौर कमेटी नेे आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर की अगुवाई में डीसी से मिले कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम वेतन जारी करने के साथ-साथ श्रम नियमों के तहत मिलने वाली सुविधाओं को दिए जाने की मांग उठाई। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि विभिन्न विभागों में हजारों की संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं लेकिन ठेकेदार और निजी कंपनियां ऐसे कर्मियों को न्यूनतम वेतन और श्रम कानूनों के अनुसार मिलने वाली सुविधाएं नहीं दे रही हैं। कई साल से सेवाओं में जुटे ऐसे कर्मियों को स्थायी अथवा अनुबंध के आधार पर लाने के लिए सरकार भी कोई नीति तैयार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए गए लेकिन इन आश्वासनों को अमल में नहीं लाया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में मांग की कि सभी आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी किया जाए। इसके लिए सरकार जल्द नीति बनाए। कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक सभी आउटसोर्स कर्मियों को समान काम का समान वेतन देने, श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश और मेडिकल की छुट्टियां लागू करने के साथ ही अतिरिक्त कार्य के लिए दोगुने हिसाब से ओवरटाइम का भुगतान करने और ऐसे कर्मियों को नौकरी से बाहर का रास्ता न दिखाने के आदेश हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे कर्मियों से जुड़ी सभी मांगों पर सहानुभूति से विचार कर पूरा किया जाए। इस अवसर पर सीटू अध्यक्ष लाल सिंह, अमित शर्मा, संजय कुमार, राजेश, अनिल, अमिता चौहान व मलिक आदि उपस्थित रहे।