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आउटसोर्स और एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों का शोषण बंद करे सरकार : देवकी नंदन
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ददाहू में आयोजित बैठक में मांगों को लेकर नारेबाजी करते कर्मचारी। संवाद
-यूनियन की बैठक में योग्यता के आधार पर कर्मचारियों को वेतनमान देने की उठाई मांग
-एटक के बैनर तले प्रदेशस्तरीय आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारियों ने नारेबाजी कर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एम्पलाइज एवं मजदूर यूनियन की जिला स्तरीय बैठक ददाहू में आयोजित हुई। बैठक में कर्मचारियों और मजदूरों की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवकी नंदन चौहान ने की।
देवकी नंदन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों से लगातार खिलवाड़ कर रही है। पीडब्ल्यूडी और आईपीएच विभागों में कार्यरत बहुउद्देशीय कर्मचारियों (एमपीडब्ल्यू) का रोजगार के नाम पर शोषण किया जा रहा है। इन कर्मचारियों से छह से आठ घंटे तक काम लिया जा रहा है, जबकि उन्हें मात्र छह हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकतर युवा उच्च शिक्षा प्राप्त और स्नातक हैं, लेकिन उनकी योग्यता के अनुरूप उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है।
उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के लंबित डीए का भुगतान करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने और एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उचित वेतनमान देने की मांग की। साथ ही एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग उठाई।
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देवकी नंदन चौहान ने कहा कि जब तक प्रदेश में कर्मचारियों और मजदूरों का शोषण जारी रहेगा, तब तक प्रदेश का हित भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन जल्द ही एटक के बैनर तले प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सरकार और विभाग के उच्च अधिकारियों के प्रति रोष जताया।
इस मौके पर तोता राम शर्मा, राजकुमार कौंडल, हेमराज, पूर्ण चंद कंवल, गुमान सिंह, भजन सिंह, प्रदीप राणा और सुरेंद्र सिंह सहित जिले की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि और मजदूर नेता मौजूद रहे।-- -- -- -- -- -
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-एटक के बैनर तले प्रदेशस्तरीय आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारियों ने नारेबाजी कर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एम्पलाइज एवं मजदूर यूनियन की जिला स्तरीय बैठक ददाहू में आयोजित हुई। बैठक में कर्मचारियों और मजदूरों की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवकी नंदन चौहान ने की।
देवकी नंदन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों से लगातार खिलवाड़ कर रही है। पीडब्ल्यूडी और आईपीएच विभागों में कार्यरत बहुउद्देशीय कर्मचारियों (एमपीडब्ल्यू) का रोजगार के नाम पर शोषण किया जा रहा है। इन कर्मचारियों से छह से आठ घंटे तक काम लिया जा रहा है, जबकि उन्हें मात्र छह हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकतर युवा उच्च शिक्षा प्राप्त और स्नातक हैं, लेकिन उनकी योग्यता के अनुरूप उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है।
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उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के लंबित डीए का भुगतान करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने और एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उचित वेतनमान देने की मांग की। साथ ही एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग उठाई।
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देवकी नंदन चौहान ने कहा कि जब तक प्रदेश में कर्मचारियों और मजदूरों का शोषण जारी रहेगा, तब तक प्रदेश का हित भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन जल्द ही एटक के बैनर तले प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सरकार और विभाग के उच्च अधिकारियों के प्रति रोष जताया।
इस मौके पर तोता राम शर्मा, राजकुमार कौंडल, हेमराज, पूर्ण चंद कंवल, गुमान सिंह, भजन सिंह, प्रदीप राणा और सुरेंद्र सिंह सहित जिले की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि और मजदूर नेता मौजूद रहे।