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बस की छत पर सवारियां बैठाने पर रद्द होंगे परमिट
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:49 PM IST
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- फोटो : SELF
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। ददाहू-नाहन सड़क पर हुए निजी बस हादसे के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन ने छत पर सवारियां बैठाने वाली बसों के परमिट रद्द करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी ओवरलोडिंग की समस्या से निजात नहीं मिली है। बसों के भीतर भी कई सवारियों को पांव रखने तक जगह नहीं मिल पाती। पुलिस प्रशासन ने हादसे से सबक लेते हुए दो-तीन दिन निजी व सरकारी बसों में ओवरलोडिंग के चालान काटे। अब यह मसला भी शांत हो गया है। जिला प्रशासन ने भी निजी बस हादसे से सबक लेते हुए बुधवार को बैठक बुलाई। उपायुक्त ललित जैन ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों व एसडीएम को निर्देेश दिए कि छत पर सवारियों बैठाने वाली बसों के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाएं। ऐसी बसों के परमिट को रद्द करने के लिए अनुमोदित किया जाए। जलाल पुल हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात की स्थिति को लेकर बुलाई बैठक में उपायुक्त ने कहा कि वह जिले में दुर्घटना संभावित स्थानों को चयनित करें। उन्हें लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सही करवाएं। जिले में वाहन जांच के दौरान क्षेत्रीय वाहन अधिकारियों को नजदीकी पुलिस थाना अथवा चौकी द्वारा प्राथमिकता के आधार पर आवश्यकता अनुसार सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों व पुलिस कर्मियों द्वारा जांच के दौरान निलंबित किए गए चालकों के लाइसेंस की प्रतिलिपि का प्रयोग करने की स्थिति में चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस समस्या के निराकरण के लिए पुलिस व परिवहन अधिकारियों को जिले में ई-चालान यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे निलंबित लाइसेंस की प्रतिलिपि को ई-चालान यंत्र द्वारा चेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में जिले में कागज की बजाय सख्त प्लास्टिक से बने चालक लाइसेंस जारी किए जाएंगे, ताकि नकल की समस्या कम की जा सके। इस मौके पर एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा, एसडीएम शिलाई योगेश चौहान, एसडीएम राजगढ़ नरेश वर्मा, एसडीएम संगड़ाह राजेश धीमान, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, आरटीओ सिरमौर सुनील शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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नाहन (सिरमौर)। ददाहू-नाहन सड़क पर हुए निजी बस हादसे के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन ने छत पर सवारियां बैठाने वाली बसों के परमिट रद्द करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी ओवरलोडिंग की समस्या से निजात नहीं मिली है। बसों के भीतर भी कई सवारियों को पांव रखने तक जगह नहीं मिल पाती। पुलिस प्रशासन ने हादसे से सबक लेते हुए दो-तीन दिन निजी व सरकारी बसों में ओवरलोडिंग के चालान काटे। अब यह मसला भी शांत हो गया है। जिला प्रशासन ने भी निजी बस हादसे से सबक लेते हुए बुधवार को बैठक बुलाई। उपायुक्त ललित जैन ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों व एसडीएम को निर्देेश दिए कि छत पर सवारियों बैठाने वाली बसों के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाएं। ऐसी बसों के परमिट को रद्द करने के लिए अनुमोदित किया जाए। जलाल पुल हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात की स्थिति को लेकर बुलाई बैठक में उपायुक्त ने कहा कि वह जिले में दुर्घटना संभावित स्थानों को चयनित करें। उन्हें लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सही करवाएं। जिले में वाहन जांच के दौरान क्षेत्रीय वाहन अधिकारियों को नजदीकी पुलिस थाना अथवा चौकी द्वारा प्राथमिकता के आधार पर आवश्यकता अनुसार सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाएंगे। उपायुक्त ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों व पुलिस कर्मियों द्वारा जांच के दौरान निलंबित किए गए चालकों के लाइसेंस की प्रतिलिपि का प्रयोग करने की स्थिति में चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस समस्या के निराकरण के लिए पुलिस व परिवहन अधिकारियों को जिले में ई-चालान यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे निलंबित लाइसेंस की प्रतिलिपि को ई-चालान यंत्र द्वारा चेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में जिले में कागज की बजाय सख्त प्लास्टिक से बने चालक लाइसेंस जारी किए जाएंगे, ताकि नकल की समस्या कम की जा सके। इस मौके पर एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा, एसडीएम शिलाई योगेश चौहान, एसडीएम राजगढ़ नरेश वर्मा, एसडीएम संगड़ाह राजेश धीमान, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, आरटीओ सिरमौर सुनील शर्मा आदि उपस्थित रहे।