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पांवटा शहर में सफाई कर्मियों की सेहत से खिलवाड़
Updated Sun, 01 Apr 2018 08:11 PM IST
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पांवटा शहर में सफाई कर्मियों की सेहत से खिलवाड़
गंदी निकास नालियों में बिना ग्लब्स और मास्क के कर रहे काम
शहर के 13 वार्डों में स्थायी-अस्थायी रूप से 76 कर्मी कार्यरत
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
नगर परिषद पांवटा में सफाई कर्मचारियों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। जल निकासी को बनी नालियों को बिना मास्क और ग्लब्ज के साफ करवाया जा रहा है। यह लापरवाही सफाई कर्मी की जान पर भारी पड़ सकती है। गंदगी की वजह से कर्मचारी गंभीर संक्रमण की चपेट में भी आ सकते हैं।
पांवटा शहर के 13 वार्डों में करीब 76 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। इनमें 10 नियमित सफाई कर्मी हैं। पिछले कुछ अरसे से सफाई कर्मचारी बिना किसी ग्लब्स, मास्क व डेमबूट के नजर आ रहे हैं। यह कर्मचारी शहर की गंदगी जिसमें मल-मूत्र व गंदे पदार्थ को हाथों से साफ कर रहे हैं। यहां तक की कुछ सफाई कर्मचारी नालियों की सफाई के लिए लेट कर भी मलमूत्र व गंदगी को खुले हाथों से निकाल रहे हैं।
वाल्मीकि धर्म समाज पांवटा इकाई के पूर्व अध्यक्ष अशोक बहूता का कहना है कि वे इस मुद्दे को समय-समय पर उठाते रहे हैं। नगर परिषद को चाहिए कि वे सफाई कर्मचारियों को मास्क प्रदान करे जिससे वे गंभीर संक्रमण की चपेट में न आएं।
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बाक्स...
जानलेवा संक्रमण की रहती है आशंका : डॉ. सहगल
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा के प्रभारी डॉ. संजीव सहगल ने कहा कि इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित भी हो सकती है। ऐसे सफाई करने से एड्स, हैपेटाईटिस-बी व चर्म रोग की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। कई बार लापरवाह लोग सिरिंज, ब्लेड या इस्तेमाल की सामग्री नाली में फेंक देते हैं। खुले हाथों व सफाई उपकरणों बिना इन्हें उठाना खतरनाक साबित हो सकता है।
सफाई कर्मियों को दिऐ हैं जरूरी उपकरण : कृष्णा धीमान
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा नगर परिषद कमेटी अध्यक्ष कृष्णा धीमान व उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि सफाई कर्मियों को कार्य के लिए जरूरी सामान दिया जाता है जिसमें मास्क, डेमबूट व ग्लब्स शामिल हैं। कई बार सफाई में दिक्कतें आने पर कुछ कर्मी इनका इस्तेमाल नहीं करते। सफाई कर्मियों को एहतियात व सुरक्षा की दृष्टि से इनका उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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सुरेश तोमर
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गंदी निकास नालियों में बिना ग्लब्स और मास्क के कर रहे काम
शहर के 13 वार्डों में स्थायी-अस्थायी रूप से 76 कर्मी कार्यरत
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
नगर परिषद पांवटा में सफाई कर्मचारियों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। जल निकासी को बनी नालियों को बिना मास्क और ग्लब्ज के साफ करवाया जा रहा है। यह लापरवाही सफाई कर्मी की जान पर भारी पड़ सकती है। गंदगी की वजह से कर्मचारी गंभीर संक्रमण की चपेट में भी आ सकते हैं।
पांवटा शहर के 13 वार्डों में करीब 76 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। इनमें 10 नियमित सफाई कर्मी हैं। पिछले कुछ अरसे से सफाई कर्मचारी बिना किसी ग्लब्स, मास्क व डेमबूट के नजर आ रहे हैं। यह कर्मचारी शहर की गंदगी जिसमें मल-मूत्र व गंदे पदार्थ को हाथों से साफ कर रहे हैं। यहां तक की कुछ सफाई कर्मचारी नालियों की सफाई के लिए लेट कर भी मलमूत्र व गंदगी को खुले हाथों से निकाल रहे हैं।
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वाल्मीकि धर्म समाज पांवटा इकाई के पूर्व अध्यक्ष अशोक बहूता का कहना है कि वे इस मुद्दे को समय-समय पर उठाते रहे हैं। नगर परिषद को चाहिए कि वे सफाई कर्मचारियों को मास्क प्रदान करे जिससे वे गंभीर संक्रमण की चपेट में न आएं।
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जानलेवा संक्रमण की रहती है आशंका : डॉ. सहगल
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा के प्रभारी डॉ. संजीव सहगल ने कहा कि इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित भी हो सकती है। ऐसे सफाई करने से एड्स, हैपेटाईटिस-बी व चर्म रोग की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। कई बार लापरवाह लोग सिरिंज, ब्लेड या इस्तेमाल की सामग्री नाली में फेंक देते हैं। खुले हाथों व सफाई उपकरणों बिना इन्हें उठाना खतरनाक साबित हो सकता है।
सफाई कर्मियों को दिऐ हैं जरूरी उपकरण : कृष्णा धीमान
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा नगर परिषद कमेटी अध्यक्ष कृष्णा धीमान व उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि सफाई कर्मियों को कार्य के लिए जरूरी सामान दिया जाता है जिसमें मास्क, डेमबूट व ग्लब्स शामिल हैं। कई बार सफाई में दिक्कतें आने पर कुछ कर्मी इनका इस्तेमाल नहीं करते। सफाई कर्मियों को एहतियात व सुरक्षा की दृष्टि से इनका उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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सुरेश तोमर
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