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प्रशासनिक ट्रिब्यूनल भंग होने पर अराजपत्रित कर्मचारी गदगद
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। अराजपत्रित कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने का स्वागत किया है। संघ के जिला पदाधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला बताया है।
प्रेस को दिए बयान में प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला इकाई सिरमौर के प्रधान अजय जोशी, वरिष्ठ उपप्रधान राम भगत, महासचिव गीतेश पराशर, मुख्य सलाहकार प्रेम पाल ठाकुर, भारत भूषण और जिला सिरमौर की समस्त इकाइयों के प्रधान राजीव वालिया, प्रेम पाल, राजेंद्र, आत्माराम शर्मा, लायकराम, जगदीश शर्मा, धर्म सिंह चौधरी, उमेश शर्मा, हरीश पुंडीर, संजीव, अतुल शर्मा, दिनेश, प्रदीप शर्मा, जगतराम, राजेश चौहान, कला, रंजना माटा, अनीता शर्मा, प्रितिका परमार, पूजा, गंगवीर, कपिल शर्मा, विजय पाल, कृष्ण रावत, शान मोहम्मद, तेजवीर सिंह, जागर सिंह आदि ने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी पिछले काफी अरसे से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने की मांग कर रहा था। संघ के तदर्थ कमेटी के राज्य अध्यक्ष विनोद कुमार ने कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल भंग होने के बाद, माननीय उच्च न्यायालय ने वेतन लाभ, पदोन्नति और वरिष्ठता से संबंधित कई मसलों में कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया है। लेकिन, वर्ष 2015 में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की दोबारा बहाली के पश्चात कर्मचारियों के मसलों पर समय से फैसले नहीं हो पा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपने मसलों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकेंगे और कम समय में न्याय पा सकेंगे।
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नाहन (सिरमौर)। अराजपत्रित कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने का स्वागत किया है। संघ के जिला पदाधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला बताया है।
प्रेस को दिए बयान में प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला इकाई सिरमौर के प्रधान अजय जोशी, वरिष्ठ उपप्रधान राम भगत, महासचिव गीतेश पराशर, मुख्य सलाहकार प्रेम पाल ठाकुर, भारत भूषण और जिला सिरमौर की समस्त इकाइयों के प्रधान राजीव वालिया, प्रेम पाल, राजेंद्र, आत्माराम शर्मा, लायकराम, जगदीश शर्मा, धर्म सिंह चौधरी, उमेश शर्मा, हरीश पुंडीर, संजीव, अतुल शर्मा, दिनेश, प्रदीप शर्मा, जगतराम, राजेश चौहान, कला, रंजना माटा, अनीता शर्मा, प्रितिका परमार, पूजा, गंगवीर, कपिल शर्मा, विजय पाल, कृष्ण रावत, शान मोहम्मद, तेजवीर सिंह, जागर सिंह आदि ने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी पिछले काफी अरसे से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने की मांग कर रहा था। संघ के तदर्थ कमेटी के राज्य अध्यक्ष विनोद कुमार ने कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने की मांग की थी।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल भंग होने के बाद, माननीय उच्च न्यायालय ने वेतन लाभ, पदोन्नति और वरिष्ठता से संबंधित कई मसलों में कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया है। लेकिन, वर्ष 2015 में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की दोबारा बहाली के पश्चात कर्मचारियों के मसलों पर समय से फैसले नहीं हो पा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपने मसलों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकेंगे और कम समय में न्याय पा सकेंगे।
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