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बिरोजा एवं तारपीन कारखाना नाहन के जीएम निलंबित
Updated Thu, 15 Nov 2018 09:55 PM IST
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नाहन के बिरोजा एवं तारपीन
उद्योग के महाप्रबंधक निलंबित
सरकारी आदेशों की अनुपालना न करने पर वन विभाग ने की कार्रवाई
वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। सरकारी क्षेत्र के बिरोजा एवं तारपीन कारखाना नाहन के महाप्रबंधक को सरकार ने निलंबित कर दिया है। महाप्रबंधक के तुरंत प्रभाव से निलंबन के आदेश वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह ने पत्र संख्या एफएफई-ए (बी)16-2/2018 में जारी किए हैं। कारखाना के महाप्रबंधक एचपीएफएस परमिंद्र सिंह पर कथित तौर पर स्टाफ से अव्यवहार, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश न मानने और सरकार के आदेशों की अनुपालना न करने पर यह कार्रवाई अमल में लाई है। सरकार की ओर से निलंबित महाप्रबंधक को पीसीसीएफ कार्यालय शिमला में तलब किया गया है। निलंबन आदेश में महाप्रबंधक को बिना बताए स्थान न छोड़ने की हिदायतें भी दी गई हैं।
कारखाना मजदूरों के साथ चल रहा विवाद
उल्लेखनीय है कि लंबे समय से उद्योग के महाप्रबंधक का अपने ही मजदूरों के साथ विवाद चल रहा है। मजदूर यूनियन ने भी महाप्रबंधक पर कथित तौर पर प्रताड़ना और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। दो दिन पहले ही यूनियन ने वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक को भी इस बारे पत्र भेजा था, जिसमें महाप्रबंधक के रवैये, कारखाना मजदूरों को सेफ्टी शूज न मिलने, तेल और साबुन के पैसों की अदायगी न करने के अलावा कारखाना मजदूरों पर झूठे आरोप लगाने संबंधी शिकायतें की गईं। इस मामले में महाप्रबंधक ने भी यूनियन के एक मजदूर नेता के खिलाफ अपना पक्ष रखा था।
मजदूर यूनियन ने किया फैसले का स्वागत
महाप्रबंधक के निलंबन आदेश का मजदूर यूनियन ने स्वागत किया है। यूनियन के महासचिव देवदत्त भंडारी ने जारी एक प्रेस बयान में कहा कि सरकार के इस फैसला का यूनियन स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि जब से महाप्रबंधक की नाहन में नियुक्ति हुई, तभी से कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि यूनियन की ओर से भेजी गई शिकायतों और तथ्यों के आधार पर सरकार ने महाप्रबंधक को निलंबित किया है।
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उद्योग के महाप्रबंधक निलंबित
सरकारी आदेशों की अनुपालना न करने पर वन विभाग ने की कार्रवाई
वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। सरकारी क्षेत्र के बिरोजा एवं तारपीन कारखाना नाहन के महाप्रबंधक को सरकार ने निलंबित कर दिया है। महाप्रबंधक के तुरंत प्रभाव से निलंबन के आदेश वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह ने पत्र संख्या एफएफई-ए (बी)16-2/2018 में जारी किए हैं। कारखाना के महाप्रबंधक एचपीएफएस परमिंद्र सिंह पर कथित तौर पर स्टाफ से अव्यवहार, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश न मानने और सरकार के आदेशों की अनुपालना न करने पर यह कार्रवाई अमल में लाई है। सरकार की ओर से निलंबित महाप्रबंधक को पीसीसीएफ कार्यालय शिमला में तलब किया गया है। निलंबन आदेश में महाप्रबंधक को बिना बताए स्थान न छोड़ने की हिदायतें भी दी गई हैं।
कारखाना मजदूरों के साथ चल रहा विवाद
उल्लेखनीय है कि लंबे समय से उद्योग के महाप्रबंधक का अपने ही मजदूरों के साथ विवाद चल रहा है। मजदूर यूनियन ने भी महाप्रबंधक पर कथित तौर पर प्रताड़ना और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। दो दिन पहले ही यूनियन ने वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक को भी इस बारे पत्र भेजा था, जिसमें महाप्रबंधक के रवैये, कारखाना मजदूरों को सेफ्टी शूज न मिलने, तेल और साबुन के पैसों की अदायगी न करने के अलावा कारखाना मजदूरों पर झूठे आरोप लगाने संबंधी शिकायतें की गईं। इस मामले में महाप्रबंधक ने भी यूनियन के एक मजदूर नेता के खिलाफ अपना पक्ष रखा था।
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मजदूर यूनियन ने किया फैसले का स्वागत
महाप्रबंधक के निलंबन आदेश का मजदूर यूनियन ने स्वागत किया है। यूनियन के महासचिव देवदत्त भंडारी ने जारी एक प्रेस बयान में कहा कि सरकार के इस फैसला का यूनियन स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि जब से महाप्रबंधक की नाहन में नियुक्ति हुई, तभी से कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि यूनियन की ओर से भेजी गई शिकायतों और तथ्यों के आधार पर सरकार ने महाप्रबंधक को निलंबित किया है।
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