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व्हाइट सीमेंट कारखाने के विरोध में उतरे सैकड़ों ग्रामीण
Updated Wed, 21 Mar 2018 08:15 PM IST
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सचित्र-
व्हाइट सीमेंट कारखाने के विरोध में उतरे सैकड़ों ग्रामीण
ग्रामीणों की दो टूक किसी कीमत पर नहीं लगने देंगे सीमेंट कारखाना
प्रदेश के पहले प्रस्तावित व्हाइट सीमेंट कारखाने पर संकट के बादल
निजी भूमि और पर्यावरण बचाव समिति ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिला के नौहराधार में प्रस्तावित प्रदेश के पहले व्हाइट सीमेंट कारखाने की स्थापना से पूर्व ही क्षेत्र की कई पंचायतों के सैकड़ों लोग इस कारखाने के विरोध में खड़े हो गए हैं। लोगों ने दो टूक शब्दों स्पष्ट कर दिया है कि वह इस कारखाने के लिए अपनी निजी भूमि किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। क्षेत्र के लोगों ने सरकार से यहां व्हाइट सीमेंट कारखाना लगाने की बजाए फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की मांग की है।
कारखाने के विरोध के चलते निजी भूमि व पर्यावरण बचाव समिति नौहराधार के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपायुक्त सिरमौर से भेंट की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त ललित जैन को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल समिति प्रधान दलीप सिंह, उपप्रधान जीवन सिंह, जयपाल सिंह, अजय चौहान, राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, उजागर सिंह, नरेंद्र सिंह, दलीप सिंह बरखैट, प्रताप सिंह, अनिल कुमार, मोहन लाल आदि ने कहा कि यहां व्हाइट सीमेंट कारखाने के लगने से क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि बंजर हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिस जगह इस कारखाने को लगाने के लिए भूमि का चयन किया गया है, वहां सौ से अधिक परिवारों की कृषि योग्य भूमि है जिसमें घासनियां, बान, देवदार के वृक्ष, आडू व सेब के बगीचे, शहतूत, अखरोट, दूदला आदि के वृक्ष हजारों की संख्या में हैं। यहां 30 से 40 परिवार हरिजनों के भी हैं जिनके पास कृषि की नाममात्र भूमि हैं। ऐसे में यह सब बर्बाद हो जाएंगे जो पर्यावरण के लिए गहरा आघात होगा।
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उन्होंने कहा कि कारखाने से आसपास के क्षेत्र के पेड़ों, फसलों व सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन हालातों में यहां व्हाइट सीमेंट का कारखाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से यहां इस कारखाने की बजाए फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की मांग की है।
उधर, भाजपा नेता बलवीर चौहान ने कहा कि यदि नौहराधार में व्हाइट सीमेंट का कारखाना खुलता है तो किसानों व बागवानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। इस मसले पर सरकार से बातचीत की जाएगी।
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-----पंकज तन्हा
व्हाइट सीमेंट कारखाने के विरोध में उतरे सैकड़ों ग्रामीण
ग्रामीणों की दो टूक किसी कीमत पर नहीं लगने देंगे सीमेंट कारखाना
प्रदेश के पहले प्रस्तावित व्हाइट सीमेंट कारखाने पर संकट के बादल
निजी भूमि और पर्यावरण बचाव समिति ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिला के नौहराधार में प्रस्तावित प्रदेश के पहले व्हाइट सीमेंट कारखाने की स्थापना से पूर्व ही क्षेत्र की कई पंचायतों के सैकड़ों लोग इस कारखाने के विरोध में खड़े हो गए हैं। लोगों ने दो टूक शब्दों स्पष्ट कर दिया है कि वह इस कारखाने के लिए अपनी निजी भूमि किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। क्षेत्र के लोगों ने सरकार से यहां व्हाइट सीमेंट कारखाना लगाने की बजाए फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की मांग की है।
कारखाने के विरोध के चलते निजी भूमि व पर्यावरण बचाव समिति नौहराधार के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपायुक्त सिरमौर से भेंट की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त ललित जैन को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल समिति प्रधान दलीप सिंह, उपप्रधान जीवन सिंह, जयपाल सिंह, अजय चौहान, राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, उजागर सिंह, नरेंद्र सिंह, दलीप सिंह बरखैट, प्रताप सिंह, अनिल कुमार, मोहन लाल आदि ने कहा कि यहां व्हाइट सीमेंट कारखाने के लगने से क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि बंजर हो जाएगी।
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उन्होंने कहा कि जिस जगह इस कारखाने को लगाने के लिए भूमि का चयन किया गया है, वहां सौ से अधिक परिवारों की कृषि योग्य भूमि है जिसमें घासनियां, बान, देवदार के वृक्ष, आडू व सेब के बगीचे, शहतूत, अखरोट, दूदला आदि के वृक्ष हजारों की संख्या में हैं। यहां 30 से 40 परिवार हरिजनों के भी हैं जिनके पास कृषि की नाममात्र भूमि हैं। ऐसे में यह सब बर्बाद हो जाएंगे जो पर्यावरण के लिए गहरा आघात होगा।
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उन्होंने कहा कि कारखाने से आसपास के क्षेत्र के पेड़ों, फसलों व सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन हालातों में यहां व्हाइट सीमेंट का कारखाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से यहां इस कारखाने की बजाए फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की मांग की है।
उधर, भाजपा नेता बलवीर चौहान ने कहा कि यदि नौहराधार में व्हाइट सीमेंट का कारखाना खुलता है तो किसानों व बागवानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। इस मसले पर सरकार से बातचीत की जाएगी।
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-----पंकज तन्हा