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पांच मिनट तक भालू से भिड़ा दीपराम
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:55 PM IST
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bear attack woman
अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
ददाहू तहसील के अंतर्गत आने वाली कोटीधिमान पंचायत के शमनाला गांव निवासी दीपराम ने अपने साहस का परिचय देते हुए मौत को मात दे दी। हाथ में लिए दरांत के सहारे वह लगातार पांच मिनट तक खूंखार भालू से भिड़ता रहा। हालांकि, इससे भालू के हमले में वह बुरी तरह से जख्मी हो गया लेकिन उसने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। अंतत: हार कर भालू वहां से फरार हो गया।
सोमवार सांय 55 वर्षीय दीपराम अपनी डोगरी दवाई धार के समीप जंगल से अपने पशु वापस लाने गया था। वह जंगल से पशुओं को वापस ला ही रहा था कि भालू ने उस पर पीछे से हमला बोल दिया जिसमें उसकी बांयी बाजू व कंधे पर गहरी चोटें आई। एकाएक हुए हमले से दीपराम घबराया नहीं। उसके हाथ में दराट था जिससे उसने बालू पर अपने आप को बचाने के लिए बार करने शुरू कर दिए। यह सिलसिला पांच मिनट तक चलता रहा।
भालू के हमले को रोकने के साथ-साथ दीपराम सहायता के लिए चिल्लाता भी रहा लेकिन रिहायशी क्षेत्र दूर होने के कारण उसकी पुकार किसी ने नहीं सुनी। वह अकेला ही भालू से भिड़ता रहा। भालू के वहां से भागने के बाद खून से लथपथ हालत में वह अपनी दोगरी दवाईधार पहुंचा जहां से उसके पुत्र दिनेश ने उसे 108 की मदद से ददाहू चिकित्सालय पहुंचाया। उसे ददाहू से नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है जहां पर उसे दाखिल किया गया है। उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
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पंचायत प्रधान सुरेंद्र तोमर व गांव के समाज सेवी पंडित सूरत राम शर्मा ने प्रशासन व वन विभाग से आग्रह करते हुए कहा कि भालू के हमले से घायल हुए दीपराम को आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि दीप राम बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखता है। उन्होंने प्रशासन से उसे फौरी राहत देने की मांग की है।
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संगड़ाह (सिरमौर)।
ददाहू तहसील के अंतर्गत आने वाली कोटीधिमान पंचायत के शमनाला गांव निवासी दीपराम ने अपने साहस का परिचय देते हुए मौत को मात दे दी। हाथ में लिए दरांत के सहारे वह लगातार पांच मिनट तक खूंखार भालू से भिड़ता रहा। हालांकि, इससे भालू के हमले में वह बुरी तरह से जख्मी हो गया लेकिन उसने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। अंतत: हार कर भालू वहां से फरार हो गया।
सोमवार सांय 55 वर्षीय दीपराम अपनी डोगरी दवाई धार के समीप जंगल से अपने पशु वापस लाने गया था। वह जंगल से पशुओं को वापस ला ही रहा था कि भालू ने उस पर पीछे से हमला बोल दिया जिसमें उसकी बांयी बाजू व कंधे पर गहरी चोटें आई। एकाएक हुए हमले से दीपराम घबराया नहीं। उसके हाथ में दराट था जिससे उसने बालू पर अपने आप को बचाने के लिए बार करने शुरू कर दिए। यह सिलसिला पांच मिनट तक चलता रहा।
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भालू के हमले को रोकने के साथ-साथ दीपराम सहायता के लिए चिल्लाता भी रहा लेकिन रिहायशी क्षेत्र दूर होने के कारण उसकी पुकार किसी ने नहीं सुनी। वह अकेला ही भालू से भिड़ता रहा। भालू के वहां से भागने के बाद खून से लथपथ हालत में वह अपनी दोगरी दवाईधार पहुंचा जहां से उसके पुत्र दिनेश ने उसे 108 की मदद से ददाहू चिकित्सालय पहुंचाया। उसे ददाहू से नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है जहां पर उसे दाखिल किया गया है। उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
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पंचायत प्रधान सुरेंद्र तोमर व गांव के समाज सेवी पंडित सूरत राम शर्मा ने प्रशासन व वन विभाग से आग्रह करते हुए कहा कि भालू के हमले से घायल हुए दीपराम को आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि दीप राम बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखता है। उन्होंने प्रशासन से उसे फौरी राहत देने की मांग की है।
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