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पांवटा में हैंडपंप लगाने में गड़बड़झाला

Thu, 31 Jan 2019 09:58 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 09:58 PM IST
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पांवटा में हैंडपंप लगाने में गड़बड़झाला
पांवटा में हैंडपंप लगाने में गड़बड़झाला
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दस की अनुमति लेकर लगाए 62 हैंडपंप
आरटीआई से जुटाई जानकारी में खुलासा
चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए लगी मोटरें
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा शहर में हैंडपंप लगाने में गड़बड़झाला हुआ है। पांवटा के आरटीआई एक्टिविस्ट ने शहरी क्षेत्र में चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए 10 की जगह 62 हैंडपंप लगाने का खुलासा किया है। इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री और आईपीएच विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। पांवटा निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट चतर सिंह ने कहा कि आईपीएच विभाग से मिली आरटीआई में खुलासा हुआ है कि शहरी क्षेत्र में वर्ष 2017-18 में कुल 10 हैंडपंप लगाए जाने की अनुमति विभाग से मिली थी लेकिन 2017 से 2019 तक पांवटा के शहरी क्षेत्र में करीब 62 हैंडपंप लगाए जा चुके हैं। हैंडपंप के स्थान पर मोटर ड्राइवर बोरवेल पंप लगवाए हैं। कुछ नेताओं ने मानकों और तय दूरी को दरकिनार करते हुए अपने चहेतों के घरों के पास हैंडपंप लगवाए हैं। उन्होंने कहा कि मैनुअल हैंडपंप की जगह पर मोटर ड्राइव पंप लगाने से सरकार और आईपीएच विभाग को लाखों की क्षति पहुंची है। शहरी क्षेत्र में राहगीरों और आम लोगों को इन हैंडपंपों से लाभ मिलने की जगह केवल चहेतों को पानी का लाभ मिलेगा। आरटीआई एक्टिविस्ट चतर सिंह का कहना है कि जनहित व राज्य हित में इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और विभाग को भेज दी गई है। इसमें शहरी क्षेत्र में कुछ चहेतों को हैंडपंपों का लाभ पहुंचाने के मामले की उचित जांच करवाने का आग्रह किया गया है।

सभी आरोप बेबुनियाद : धीमान
आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता पांवटा एके धीमान ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पांवटा शहरी क्षेत्र में 10 हैंडपंप का स्टेंडर्ड ऐस्टिमेट भेजा गया था। शहरी क्षेत्र में 10 हैंडपंप लगने के बाद भी बजट बच गया था। जनहित में पेयजल किल्लत वाले शहरी क्षेत्रों में शेष बजट से कुछ हैंडपंप लगाए गए। शहरी क्षेत्र में कुल 17 हैंडपंप लगाए हैं। इस संदर्भ में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया था।
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