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शिलाई की हरिजन बस्ती में गहराया पेयजल संकट
Updated Mon, 11 Jun 2018 11:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। शिलाई ग्राम पंचायत की हरिजन बस्ती शिलाई के लोगों ने ग्राम पंचायत व आईपीएच उपमंडल के कर्मचारियों पर पेयजल वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है। हरिजन बस्ती में पानी का स्टोर टैंक भी बना है। अलग से इस बस्ती के लिए पंचायत द्वारा लाइन भी बिछाई गई थी लेकिन पंचायत की लापरवाही से इस पेयजल लाइन को शिलाई गांव के मुख्य स्टोर टैंक में जोड़ दिया गया। इससे हरिजन बस्ती के 40 परिवारों को शिलाई गांव के मुख्य स्टोर टैंक से देर रात तक पानी भरने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
हरिजन बस्ती के लोगों सुंदर सिंह, गुमान सिंह, उजागर सिंह, खट्टर सिंह, बेसु राम, इंद्र सिंह फकीर चंद, महिला मंडल की प्रधान कमला देवी, मस्तो देवी, आशा देवी, रुकमी देवी, गुलाबी देवी, रविंद्र सिंह, विनोद कुमार ने बताया कि शिलाई गांव के 10 परिवारों के पीछे आईपीएच ने सार्वजनिक नल लगाए हैं। पेयजल के निजी कनेक्शन भी दिए हैं। जबकि हरिजन बस्ती के लिए बनाया गया पेयजल स्टोर टैंक वर्षों से सूखा पड़ा है। उसमें पेयजल की आपूर्ति नहीं दी जा रही है। इसके कारण बस्ती के लोगों को पेयजल दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग गांव के मुख्य टैंक से पानी का ढुलान करने को विवश हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले ग्राम पंचायत ने हरिजन बस्ती को छामबो खड्ड से पृथक रबड़ की पाइप लाइन बिछाकर पेयजल उपलब्ध करवाया था। कुछ दिनों बाद पंचायत ने इस लाइन को आईपीएच के अधीन करवाकर स्टील की पाइपें लगवा दीं और इसे भी मुख्य टैंक में जोड़ दिया। वह इस संदर्भ में पंचायत प्रतिनिधि और आईपीएच के अधिकारियों से मिले हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
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उधर, पंचायत के प्रधान देवेंद्र धीमान ने बताया कि इस मामले में आईपीएच उपमंडल शिलाई को एक प्रस्ताव पारित कर हरिजन बस्ती के लिए बनी पृथक पेयजल लाइन को सार्वजनिक टैंक से हटाकर सीधे हरिजन बस्ती के पेयजल भंडार टैंक में जोड़ने के लिए लिखा गया है। जल्द ही हरिजन बस्ती को पानी मुहैया करवाया जाएगा। आईपीएच के एसडीओ नितिन चिनोरी ने बताया कि समस्या को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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शिलाई (सिरमौर)। शिलाई ग्राम पंचायत की हरिजन बस्ती शिलाई के लोगों ने ग्राम पंचायत व आईपीएच उपमंडल के कर्मचारियों पर पेयजल वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है। हरिजन बस्ती में पानी का स्टोर टैंक भी बना है। अलग से इस बस्ती के लिए पंचायत द्वारा लाइन भी बिछाई गई थी लेकिन पंचायत की लापरवाही से इस पेयजल लाइन को शिलाई गांव के मुख्य स्टोर टैंक में जोड़ दिया गया। इससे हरिजन बस्ती के 40 परिवारों को शिलाई गांव के मुख्य स्टोर टैंक से देर रात तक पानी भरने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
हरिजन बस्ती के लोगों सुंदर सिंह, गुमान सिंह, उजागर सिंह, खट्टर सिंह, बेसु राम, इंद्र सिंह फकीर चंद, महिला मंडल की प्रधान कमला देवी, मस्तो देवी, आशा देवी, रुकमी देवी, गुलाबी देवी, रविंद्र सिंह, विनोद कुमार ने बताया कि शिलाई गांव के 10 परिवारों के पीछे आईपीएच ने सार्वजनिक नल लगाए हैं। पेयजल के निजी कनेक्शन भी दिए हैं। जबकि हरिजन बस्ती के लिए बनाया गया पेयजल स्टोर टैंक वर्षों से सूखा पड़ा है। उसमें पेयजल की आपूर्ति नहीं दी जा रही है। इसके कारण बस्ती के लोगों को पेयजल दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग गांव के मुख्य टैंक से पानी का ढुलान करने को विवश हैं।
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उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले ग्राम पंचायत ने हरिजन बस्ती को छामबो खड्ड से पृथक रबड़ की पाइप लाइन बिछाकर पेयजल उपलब्ध करवाया था। कुछ दिनों बाद पंचायत ने इस लाइन को आईपीएच के अधीन करवाकर स्टील की पाइपें लगवा दीं और इसे भी मुख्य टैंक में जोड़ दिया। वह इस संदर्भ में पंचायत प्रतिनिधि और आईपीएच के अधिकारियों से मिले हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
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उधर, पंचायत के प्रधान देवेंद्र धीमान ने बताया कि इस मामले में आईपीएच उपमंडल शिलाई को एक प्रस्ताव पारित कर हरिजन बस्ती के लिए बनी पृथक पेयजल लाइन को सार्वजनिक टैंक से हटाकर सीधे हरिजन बस्ती के पेयजल भंडार टैंक में जोड़ने के लिए लिखा गया है। जल्द ही हरिजन बस्ती को पानी मुहैया करवाया जाएगा। आईपीएच के एसडीओ नितिन चिनोरी ने बताया कि समस्या को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।