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ददाहू में हेलीकॉप्टर उतरने की जगी उम्मीद
Updated Sat, 06 Jan 2018 08:13 PM IST
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ददाहू में हेलीकॉप्टर उतरने की जगी उम्मीद
चार साल तक माइना में ही उतारे थे हेलीकॉप्टर
अब, सत्ता परिवर्तन के बाद ददाहू में चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
पूर्व कांग्रेस सरकार के शासनकाल में चार वर्षों तक ददाहू हेलीपैड पर कोई भी हेलीकॉप्टर नहीं उतारा गया। जबकि माइना में नया हेलीपैड बनाया गया। यहीं पर तमाम वीआईपी के हेलीकॉप्टर उतारे गए। अब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही हेलीपैड में भी बदलाव होने की चरचा चल रही है।
पिछले तीन दशक से हेलीकॉप्टर ददाहू में ही उतरते आए हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का हेलीकॉप्टर भी यहीं उतरा था। 12 नवंबर 2013 के बाद ददाहू के अस्थायी हेलीपैड पर एक भी हेलीकॉप्टर को नहीं उतारा गया।
पूर्व सीपीएस व वर्तमान विधायक विनय कुमार के गृह क्षेत्र माइना बाग में एक अलग से हेलीपैड का निर्माण करवाया गया और पूरे 4 वर्ष तक हेलीकॉप्टर वहीं उतारे गए। इसे राजनीति का ही एक हिस्सा माना जा रहा है। यहां तक कि विधानसभा चुनाव के दौरान 29 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर भी माइना बाग में उतारा गया जिसको लेकर योगी आदित्यनाथ ने काफी हैरानगी व्यक्त करते हुए कहा कि हेलीपैड ददाहू में होते हुए भी उन्हें 22 किलोमीटर दूर उतारा गया।
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जबकि ददाहू के अतिरिक्त रेणुका विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह व हरिपुरधार में भी दो अलग से स्थायी हेलीपैड हैं। उसके बावजूद भी माइना बाग में अस्थायी हेलीपैड का निर्माण करवाया गया। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में पूरे चार वर्ष तक भाजपा ने हेलीपैड के नाम पर जमकर होहल्ला मचाने के साथ-साथ जमकर राजनीति भी की। अब भाजपा सरकार बनते ही क्षेत्रवासियों को हेलीकॉप्टर के दुबारा ददाहू में उतरने की उम्मीद है।
उधर, भाजपा के जिला अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा व रेणुका भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप तोमर ने कहा कि उनका भी यह प्रयास रहेगा कि ददाहू के हेलीपैड का विस्तार किया जाए ताकि यहां पर पुन: हेलीकॉप्टर उतारे जा सकें। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसी से भी संपर्क साधा जाएगा ताकि यहां पर हेलीकॉप्टर उतारने में किसी तरह का जोखिम न हो।
-----------योगेंद्र अग्रवाल
चार साल तक माइना में ही उतारे थे हेलीकॉप्टर
अब, सत्ता परिवर्तन के बाद ददाहू में चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
पूर्व कांग्रेस सरकार के शासनकाल में चार वर्षों तक ददाहू हेलीपैड पर कोई भी हेलीकॉप्टर नहीं उतारा गया। जबकि माइना में नया हेलीपैड बनाया गया। यहीं पर तमाम वीआईपी के हेलीकॉप्टर उतारे गए। अब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही हेलीपैड में भी बदलाव होने की चरचा चल रही है।
पिछले तीन दशक से हेलीकॉप्टर ददाहू में ही उतरते आए हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का हेलीकॉप्टर भी यहीं उतरा था। 12 नवंबर 2013 के बाद ददाहू के अस्थायी हेलीपैड पर एक भी हेलीकॉप्टर को नहीं उतारा गया।
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पूर्व सीपीएस व वर्तमान विधायक विनय कुमार के गृह क्षेत्र माइना बाग में एक अलग से हेलीपैड का निर्माण करवाया गया और पूरे 4 वर्ष तक हेलीकॉप्टर वहीं उतारे गए। इसे राजनीति का ही एक हिस्सा माना जा रहा है। यहां तक कि विधानसभा चुनाव के दौरान 29 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर भी माइना बाग में उतारा गया जिसको लेकर योगी आदित्यनाथ ने काफी हैरानगी व्यक्त करते हुए कहा कि हेलीपैड ददाहू में होते हुए भी उन्हें 22 किलोमीटर दूर उतारा गया।
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जबकि ददाहू के अतिरिक्त रेणुका विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह व हरिपुरधार में भी दो अलग से स्थायी हेलीपैड हैं। उसके बावजूद भी माइना बाग में अस्थायी हेलीपैड का निर्माण करवाया गया। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में पूरे चार वर्ष तक भाजपा ने हेलीपैड के नाम पर जमकर होहल्ला मचाने के साथ-साथ जमकर राजनीति भी की। अब भाजपा सरकार बनते ही क्षेत्रवासियों को हेलीकॉप्टर के दुबारा ददाहू में उतरने की उम्मीद है।
उधर, भाजपा के जिला अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा व रेणुका भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप तोमर ने कहा कि उनका भी यह प्रयास रहेगा कि ददाहू के हेलीपैड का विस्तार किया जाए ताकि यहां पर पुन: हेलीकॉप्टर उतारे जा सकें। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसी से भी संपर्क साधा जाएगा ताकि यहां पर हेलीकॉप्टर उतारने में किसी तरह का जोखिम न हो।
-----------योगेंद्र अग्रवाल