{"_id":"5a0d7ec14f1c1b70548bd9ab","slug":"121510833857-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोज पैदल चलें, शहर और शरीर को रखें स्वस्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोज पैदल चलें, शहर और शरीर को रखें स्वस्थ
Updated Thu, 16 Nov 2017 07:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंकज तन्हा
विज्ञापन
नाहन(सिरमौर)।
वाहनों की दिन-प्रतिदिन बढ़ती संख्या से शहर का हाजमा खराब होने लगा है। सड़कों पर लगने वाले रोजाना जाम से आमजन को भारी असुविधा हो रही है। आबोहवा में भी पहले जैसी शुद्धता नहीं रही। आने वाले समय में यहां की आबोहवा दिल्ली की तरह जहरीली न हो इसके लिए शहर के बुद्धिजीवी वर्ग ने अनूठी मुहिम चलाई है।
शहर के बुद्धिजीवी आमजन से पैदल चलने की अपील कर रहे हैं। इस बारे में अलख संस्था के महासचिव एवं साहित्यकार प्रभात कुमार ने कहा कि लोग विशेषकर युवा भौतिक चीजों पर निर्भर हो गए हैं। पैदल चलने की बजाय वाहनों को तवज्जो दे रहे हैं। जबकि नाहन में सभी कार्य पैदल आसानी से हो सकते हैं। यदि वह पैदल चलें तो उनका और शहर का स्वास्थ्य सही रह सकता है। चित्रकार जितेंद्र थापा उर्फ बिट्टू ने कहा कि लोगों को पैदल चलने की आदत डालनी चाहिए। इससे वह छोटी-मोटी बीमारियों की जद में नहीं आएंगे। पैदल चलने से लोगों से मेल-मिलाप भी बना रहेगा।
यही पुरानी संस्कृति थी। युवाओं को भी इसे अपनाना चाहिए। आभा चौहान ने कहा कि पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। नाहन की विला राउंड सैरगाह तो प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज है। लोगों को इसका फायदा उठाना चाहिए। यदि यहां आना संभव नहीं हो तो घर से बाहर के कार्य पैदल चलकर करने चाहिए। ताकि सड़कों पर से वाहनों का बोझ कम हो तथा उनका स्वास्थ्य भी बना रहे।
विज्ञापन
युवा मनीष चौहान ने कहा कि बैठे रहना सेहत के लिए घातक है। ऐसे में वह अपनी दुकान में कभी बैठे नहीं रहते। यहां से वहां चलते रहते हैं। वाहन का उपयोग तभी करते हैं जब अति आवश्यक हो। लोगों को भी ऐसा ही करना चाहिए। ऐसा होने से उनकी सेहत के साथ-साथ शहर की भी सेहत बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन