फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   व्यापारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ नवरात्र मेला

व्यापारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ नवरात्र मेला

Sat, 30 Sep 2017 11:47 PM IST
Updated Sat, 30 Sep 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
व्यापारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ नवरात्र मेला

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)।
प्रसिद्ध धार्मिक नगरी त्रिलोकपुर में शारदीय नवरात्र मेला व्यापारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। मेले के दौरान काफी कम भीड़ जुटने से व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है। दुकानदार अश्वनी कुमार, रामचरण, सोहन लाल, संतलाल व उस्मान मोहम्मद ने बताया कि इस बार मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम रही।
मेले के दौरान दो दिन लगातार हुई बरसात के कारण भी काफी नुकसान हुआ। दुकानदारों ने बताया कि मेले में हजारों रुपये के किराए का भुगतान करके दुकानों के लिए जगह ली थी वो भी पूरा नहीं हो पाया। खिलौनों की दुकान लगाने वाले खानपुर (अंबाला) निवासी अश्विनी कुमार के मुताबिक मेले में दुकान लगाने के लिए निजी दुकानें या खाली भूमि काफी महंगी मिलती है जिनका किराया कम से कम बीस हजार से लेकर तीस हजार तक भुगतान करना पड़ता है।
विज्ञापन

पिछले लगभग दस वर्षों से मेले में फोटो व कैलेंडरों की दुकान लगाने वाले शहजादपुर(हरियाणा) के काकू ने बताया कि चैत्र मास के नवरात्रि मेले की अपेक्षा अश्विन मास के शारदीय नवरात्र मेला काफी मंदा रहता है। दूसरे प्लाट इतने महंगे होते हैं कि उनका किराया भी पूरा करना मुश्किल हो जाता है। कई बार तो जेब से किराया भरना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुल मिलाकर इस बार शारदीय नवरात्र मेले से व्यापारी काफी मायूस नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मंदिर न्यास की ओर से जो प्लाट अलॉट किए जाते हैं उनका किराया पांच से पंद्रह हजार तक होता है। जबकि, निजी दुकानों या प्लॉटों का किराया बीस हजार से ज्यादा ही होता है।

मंदिर न्यास त्रिलोकपुर के सहायक प्रबंधक गोपाल शर्मा ने बताया कि इन नवरात्रों में श्रद्धालुओं की संख्या कम ही रहती है। जबकि, चैत्र मास के नवरात्रों में श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी-तिगुनी रहती है। इस बार महानवमी तक लगभग पचास हजार श्रद्धालुओं द्वारा माता के दरबार में हाजिरी लगाई गई। मेले के आगामी शेष पांच दिनों में यह संख्या 70 से 80 हजार तक पहुंच जाने का अनुमान है।
----व्यापारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ नवरात्र मेला
मेले में कम भीड़ जुटने से व्यापारियों को हाथ लगी निराशा
कमाई तो दूर प्लाट का किराया निकालना भी हो रहा मुश्किल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed