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भालू के हमले में घायल महिला की मौत
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नित्थर (कुल्लू)। उपतहसील नित्थर के शनाह गांव में 20 दिन पहले भालू के हमले में घायल महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया है। इस हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं थी। प्राथमिक उपचार के बाद रामपुर के खनेरी अस्पताल से उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था, लेकिन शनिवार सुबह महिला जिंदगी से जंग हार गई और आईजीएमसी शिमला में उन्होंने अंतिम सांस ली। इससे शनाह क्षेत्र में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द जंगली जानवरों से निपटने का उचित प्रबंध करने की मांग उठाई है।
गौर हो कि विगत दिनों पहले भी ग्रामीणों ने दो भालुओं को पुराने पेयजल टैंक के समीप देखा था। इससे ग्रामीण खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। भालुओं की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी, लेकिन भालुओं पर काबू पाने और उन्हें पकड़ने में विभाग के हाथ सफलता नहीं लगी है।
सुमेश कुमार, सुनील कुमार और राजकुमार सहित शनाह के कई अन्य लोगों ने विभाग से इनके निपटारे के लिए उचित कदम उठाने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि दिन में भी घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह और शाम को तो हालत बेहद खराब हैं। खेतों में जाना भी दुश्वार हो गया है। किसी भी समय ग्रामीण भालुओं का शिकार हो सकते हैं।
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डीएफओ लूहरी चमन राव ने कहा कि वाइल्ड लाइफ के तहत नित्थर में जितने भी पिंजरे हैं, उनको इस जगह पर स्थापित किया जाएगा। जल्द ही कैमरे से भालुओं को ट्रेस किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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गौर हो कि विगत दिनों पहले भी ग्रामीणों ने दो भालुओं को पुराने पेयजल टैंक के समीप देखा था। इससे ग्रामीण खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। भालुओं की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी, लेकिन भालुओं पर काबू पाने और उन्हें पकड़ने में विभाग के हाथ सफलता नहीं लगी है।
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सुमेश कुमार, सुनील कुमार और राजकुमार सहित शनाह के कई अन्य लोगों ने विभाग से इनके निपटारे के लिए उचित कदम उठाने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि दिन में भी घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह और शाम को तो हालत बेहद खराब हैं। खेतों में जाना भी दुश्वार हो गया है। किसी भी समय ग्रामीण भालुओं का शिकार हो सकते हैं।
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डीएफओ लूहरी चमन राव ने कहा कि वाइल्ड लाइफ के तहत नित्थर में जितने भी पिंजरे हैं, उनको इस जगह पर स्थापित किया जाएगा। जल्द ही कैमरे से भालुओं को ट्रेस किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।