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Rampur Bushahar News: ठियोग में भूस्खलन से बाधित हुआ एनएच, जाम में फंसे कई वाहन
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ठियोग में भूस्खलन से चार घंटे बाधित रहा नेशनल हाईवे 5। संवाद
. चार घंटे तक यातायात के लिए अवरुद्ध रहा एनएच, दोनों ओर लगीं वाहनों की कतारें
. जाम में फंसे स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और बागवानों को झेलनी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
उपमंडल ठियोग के जनोगघाट के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने के कारण मंगलवार को नेशनल हाईवे-5 यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एनएच बहाल हुआ। इस दौरान कई वाहन जाम में फंसे रहे। एनएच बाधित होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम ठियोग कस्बे तक पहुंच गया। जनोगघाट के पास रात करीब साढ़े तीन बजे भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबे के साथ चार बड़े पेड़ भी सड़क पर आ गिरे। पेड़ों के सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान स्कूली बच्चों, शिमला जाने वाले लोगों और सरकारी कर्मचारियों ने पैदल चलकर ठियोग तक का सफर जारी रखा। मंगलवार सुबह प्रशासन हरकत में आया और पुलिस व अग्निशमन विभाग के जवानों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। जवानों ने सबसे पहले आरी की मदद से पेड़ों को काटकर हटाने का प्रयास किया। इसके बाद चेनसॉ मशीन की मदद से कुछ ही मिनटों में गिरे पेड़ों को काटकर सड़क से हटाया गया। इसी दौरान वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और पेड़ों को हटाने के काम में जुट गए। एनएच की मशीनरी की मदद से सड़क पर गिरे मलबे को हटाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। इस दौरान ठियोग के एसडीएम शशांक गुप्ता और नगर परिषद उपाध्यक्ष कमला शर्मा भी मौके पर डटे रहे। जाम खुलने के बाद ही दोनों वहां से रवाना हुए। एनएच बाधित होने से कई बसें भी जाम में फंसी रहीं। इनमें सवार यात्रियों को करीब चार घंटे तक पानी के लिए परेशान होना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर तीन दिन पहले भी हल्का भूस्खलन हुआ था। इसके बाद बीती रात पहाड़ी से दोबारा मलबा सड़क पर आ गिरा। क्षेत्र में इस वर्ष बारिश कम हुई है। इसके बावजूद पहाड़ों के दरकने का सिलसिला बना हुआ है।
बाल-बाल बचा दूध का टैंकर जाम में फंसे
पिंजौर निवासी कुलदीप नागर ने बताया कि उनके सामने ही पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हुए। उसी समय दूध से भरा एक टैंकर वहां से गुजर रहा था। टैंकर चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को पीछे कर लिया, जिससे वह हादसे का शिकार होने से बच गया। नंगल देवी निवासी ध्यान सिंह ने बताया कि उनके मौके पर पहुंचने से कुछ समय पहले ही भूस्खलन हुआ था। घटनास्थल से दो मोड़ पहले उन्हें परिवहन निगम की दो बसें मिली थीं। गनीमत रही कि दोनों बसें भूस्खलन की चपेट में आने से बच गईं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सेब से लदी पिकअप भी जाम में फंसी जाम में सेब से लदे कई वाहन भी फंसे रहे। मतियाना निवासी मस्त राम ने बताया कि वह सेब लेकर सोलन मंडी जा रहे थे। करीब चार बजे वह इस स्थान पर पहुंचे, लेकिन तब तक जाम लग चुका था। उनकी पिकअप करीब पौने आठ बजे वहां से रवाना हो सकी। उन्होंने बताया कि सेब मंडी में सुबह के समय अच्छे दाम मिलते हैं, लेकिन जाम के कारण अब दोपहर तक सोलन पहुंचेंगे। ऐसे में उन्हें चिंता है कि उस समय मंडी में सेब का क्या भाव मिलेगा।
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. जाम में फंसे स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और बागवानों को झेलनी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
उपमंडल ठियोग के जनोगघाट के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने के कारण मंगलवार को नेशनल हाईवे-5 यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एनएच बहाल हुआ। इस दौरान कई वाहन जाम में फंसे रहे। एनएच बाधित होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम ठियोग कस्बे तक पहुंच गया। जनोगघाट के पास रात करीब साढ़े तीन बजे भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबे के साथ चार बड़े पेड़ भी सड़क पर आ गिरे। पेड़ों के सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान स्कूली बच्चों, शिमला जाने वाले लोगों और सरकारी कर्मचारियों ने पैदल चलकर ठियोग तक का सफर जारी रखा। मंगलवार सुबह प्रशासन हरकत में आया और पुलिस व अग्निशमन विभाग के जवानों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। जवानों ने सबसे पहले आरी की मदद से पेड़ों को काटकर हटाने का प्रयास किया। इसके बाद चेनसॉ मशीन की मदद से कुछ ही मिनटों में गिरे पेड़ों को काटकर सड़क से हटाया गया। इसी दौरान वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और पेड़ों को हटाने के काम में जुट गए। एनएच की मशीनरी की मदद से सड़क पर गिरे मलबे को हटाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। इस दौरान ठियोग के एसडीएम शशांक गुप्ता और नगर परिषद उपाध्यक्ष कमला शर्मा भी मौके पर डटे रहे। जाम खुलने के बाद ही दोनों वहां से रवाना हुए। एनएच बाधित होने से कई बसें भी जाम में फंसी रहीं। इनमें सवार यात्रियों को करीब चार घंटे तक पानी के लिए परेशान होना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर तीन दिन पहले भी हल्का भूस्खलन हुआ था। इसके बाद बीती रात पहाड़ी से दोबारा मलबा सड़क पर आ गिरा। क्षेत्र में इस वर्ष बारिश कम हुई है। इसके बावजूद पहाड़ों के दरकने का सिलसिला बना हुआ है।
बाल-बाल बचा दूध का टैंकर जाम में फंसे
पिंजौर निवासी कुलदीप नागर ने बताया कि उनके सामने ही पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हुए। उसी समय दूध से भरा एक टैंकर वहां से गुजर रहा था। टैंकर चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को पीछे कर लिया, जिससे वह हादसे का शिकार होने से बच गया। नंगल देवी निवासी ध्यान सिंह ने बताया कि उनके मौके पर पहुंचने से कुछ समय पहले ही भूस्खलन हुआ था। घटनास्थल से दो मोड़ पहले उन्हें परिवहन निगम की दो बसें मिली थीं। गनीमत रही कि दोनों बसें भूस्खलन की चपेट में आने से बच गईं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सेब से लदी पिकअप भी जाम में फंसी जाम में सेब से लदे कई वाहन भी फंसे रहे। मतियाना निवासी मस्त राम ने बताया कि वह सेब लेकर सोलन मंडी जा रहे थे। करीब चार बजे वह इस स्थान पर पहुंचे, लेकिन तब तक जाम लग चुका था। उनकी पिकअप करीब पौने आठ बजे वहां से रवाना हो सकी। उन्होंने बताया कि सेब मंडी में सुबह के समय अच्छे दाम मिलते हैं, लेकिन जाम के कारण अब दोपहर तक सोलन पहुंचेंगे। ऐसे में उन्हें चिंता है कि उस समय मंडी में सेब का क्या भाव मिलेगा।
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