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Rampur Bushahar News: बगीचे को संकट में न डाल दे अप्रमाणित नर्सरी के पौधे
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विशेषज्ञों ने दी प्रमाणित नर्सरी के पौधों को रोपने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सर्दियों में बागवान सेब के पौधों के रोपने का कार्य करते हैं। बागवान जानकारी के अभाव में अप्रमाणित नर्सरी से लाकर सेब के पौधे रोप देते हैं। ऐसे पौधे बगीचों के लिए संकट बन सकते हैं। अप्रमाणित नर्सरी से लाए अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होते हैं और उनका विकास भी स्वस्थ पौधे की अपेक्षा काफी कम होता है। बागवानी विशेषज्ञों के पास पिछले कुछ सालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ बागवानों को प्रमाणित नर्सरी से ही पौधे लाकर रोपने की सलाह दे रहे हैं। बागवान सेब की सीडलिंग प्लांट (पावली) और सेब के विभिन्न किस्मों के पौधों को रोपते हैं। आजकल पौधे बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। बागवान बिना किसी पुख्ता जानकारी के अप्रमाणित नर्सरी के पौधे खरीद कर उनका रोपण कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग अप्रमाणित नर्सरियों का कारोबार कर रहे हैं। हर वर्ष सेब के पोधों का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। कश्मीर व उत्तराखंड से पौधे लाए जा रहे हैं। अप्रमाणित पौधों का रोपण बगीचों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अप्रमाणित नर्सरी के पौधे बगीचों को संकट में डाल सकते हैं। इस तरह के कई मामले क्षेत्र के बगीचों में पाए भी गए हैं। विभाग भी समय-समय पर अप्रमाणित नर्सरी बेचने वालों पर कार्रवाई करता है। मौके पर रोगग्रस्त पौधों को नष्ट भी किया जाता है। बागवान अच्छी तरह जांच करने के बाद प्रमाणित नर्सरी से ही पौधों को लें। तभी बगीचे का विकास हो पाएगा।
-डाॅ. संजय कुमार, विषय विशेषज्ञ, उद्यान विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सर्दियों में बागवान सेब के पौधों के रोपने का कार्य करते हैं। बागवान जानकारी के अभाव में अप्रमाणित नर्सरी से लाकर सेब के पौधे रोप देते हैं। ऐसे पौधे बगीचों के लिए संकट बन सकते हैं। अप्रमाणित नर्सरी से लाए अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होते हैं और उनका विकास भी स्वस्थ पौधे की अपेक्षा काफी कम होता है। बागवानी विशेषज्ञों के पास पिछले कुछ सालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ बागवानों को प्रमाणित नर्सरी से ही पौधे लाकर रोपने की सलाह दे रहे हैं। बागवान सेब की सीडलिंग प्लांट (पावली) और सेब के विभिन्न किस्मों के पौधों को रोपते हैं। आजकल पौधे बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। बागवान बिना किसी पुख्ता जानकारी के अप्रमाणित नर्सरी के पौधे खरीद कर उनका रोपण कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग अप्रमाणित नर्सरियों का कारोबार कर रहे हैं। हर वर्ष सेब के पोधों का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। कश्मीर व उत्तराखंड से पौधे लाए जा रहे हैं। अप्रमाणित पौधों का रोपण बगीचों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अप्रमाणित नर्सरी के पौधे बगीचों को संकट में डाल सकते हैं। इस तरह के कई मामले क्षेत्र के बगीचों में पाए भी गए हैं। विभाग भी समय-समय पर अप्रमाणित नर्सरी बेचने वालों पर कार्रवाई करता है। मौके पर रोगग्रस्त पौधों को नष्ट भी किया जाता है। बागवान अच्छी तरह जांच करने के बाद प्रमाणित नर्सरी से ही पौधों को लें। तभी बगीचे का विकास हो पाएगा।
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-डाॅ. संजय कुमार, विषय विशेषज्ञ, उद्यान विभाग