फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Tree cutting case: Forest department complained after three days

पेड़ कटान मामला : वन विभाग ने तीन दिन बाद की शिकायत

Wed, 01 Jun 2022 10:33 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 10:33 PM IST
विज्ञापन
Tree cutting case: Forest department complained after three days
टिक्कर के जंगल में काटा गया पेड़। - फोटो : RAMPUR-HP
रोहड़ू। टिक्कर रेंज में 74 अवैध पेड़ कटान का मामला कई सवाल खडे़ कर रहा है। पेड़ काटने की सूचना मिलने के तीन दिन बाद वन विभाग जागा और पुलिस में मामला दर्ज करवाया। इस मामले की वन विभाग, प्रदेश सरकार और उच्च अधिकारियों को 18 मई को सूचना दी गई थी। सरकार और विभाग की सुस्ती का आलम यह रहा कि उसने 21 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
विज्ञापन

माना जा रहा है कि मामले की अगर स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाएगी तो विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अवैध कटान को लेकर रोहड़ू वन डिविजन की टिक्कर रेंज पहले से संवेदनशील रही है। यहां टीडी की लकड़ी पर पहले से प्रतिबंध है। रेंज में टीडी बहाल करने के लिए विभाग ने कौन से मापदंड लगाए इस पर भी सवाल है। पेड़ कटान की शिकायत के बाद जंगलों से चिरानियों को भगाया गया। जांच शुरू होने के बाद रात को पेड़ों ठूंठों को जलाने में किसका हाथ रहा। जांच शुरू होने के दौरान सबूत मिटाने के जो प्रयास हुए उस पर लगातार अंगुलियां उठ रही हैं।
विज्ञापन

टिक्कर में वर्ष 2015 में वन रेंज कार्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर कायल और देवदार के 52 छोटे-बड़े पेड़ों के कटान का मामला सामने आया था। जांच के बाद गांव के लोगों की टीडी के अधिकार तक न्यायालय ने बंद कर दिए। सूत्र बताते हैं कि बीते कुछ अरसे से वन विभाग ने लोगों की टीडी शुरू की दी थी। उसकी आड़ में अवैध कटान भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन रेंज ऑफिसर की स्थायी नियुक्ति नहीं
टिक्कर में वन रेंज ऑफिसर की दो साल से स्थायी नियुक्ति तक नहीं। वन खंड अधिकारी का पद भी लंबे समय से खाली चल रहा है। ऐसे में एक वन रक्षक को जिम्मेवार ठहराना कितना सही माना जा सकता है। ऊपर से प्रतिनियुक्ति पर तैनात रेंज आफिसर पर इसकी गाज गिरना मामले में केवल विभागीय लीपापोती मानी जा रही है। विभाग को मिली शिकायत में बताया गया कि जांच शुरू होने तक जंगल में चिरानियों के चार डेरे काम का रहे थे। मंदिर के नाम पर जंगल से लकड़ी काटी गई। गुप्त सूचना के बाद आरोपियों को किसने बचाया इसको लेकर लोगों में सवाल उठ रहे हैं।

मामले का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं
वन विभाग शिमला वृत्त के मुख्य अरण्यपाल एसपी शर्मा ने कहा उनके पास मामले का विस्तृत ब्योरा नहीं है। मौके पर विभाग की टीम जांच कर रही है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed