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Rampur Bushahar News: पाटबंगला खेल मैदान में महक रहा पारंपरिक व्यंजन
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रामपुर के पाटबंगला मैदान में खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ पर मार्चपास्ट की सलामी लेते केहर सिं
वन विभाग की 27वीं वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता में महिलाओं ने लगाए स्टॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
वन विभाग की 27वीं वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाकर स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता स्थल पर लगाए गए इन स्टॉलों में पारंपरिक व्यंजन और क्षेत्र के स्थानीय खाद्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने किया। मुख्य अतिथि ने पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं के कार्य की सराहना की। जायका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ आय के साधन विकसित करने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों और प्रतिभागियों ने महिलाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया। लोगों ने स्थानीय उत्पादों की सराहना की। स्वयं सहायता समूहों की इस भागीदारी को ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
वन विभाग की 27वीं वार्षिक खेलकूद एवं कर्तव्य प्रतियोगिता का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाकर स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता स्थल पर लगाए गए इन स्टॉलों में पारंपरिक व्यंजन और क्षेत्र के स्थानीय खाद्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने किया। मुख्य अतिथि ने पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं के कार्य की सराहना की। जायका परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ आय के साधन विकसित करने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों और प्रतिभागियों ने महिलाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया। लोगों ने स्थानीय उत्पादों की सराहना की। स्वयं सहायता समूहों की इस भागीदारी को ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।