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सरकारी धन गबन के मामले में दोषी को तीन साल कारावास
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर मुख्य दंडाधिकारी (सीजेएम) अदालत ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए हिमफेड स्टोर के इंचार्ज पर लाखों रुपये के गबन के आरोप सिद्ध होने पर 3 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 9 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रही सहायक जिला न्यायवादी प्रवीना ठाकुर ने बताया कि संजीव कुमार निवासी गांव वाड़ी, डाकघर बोकता, तहसील देहरा गोपीपुर, जिला कांगड़ा 11 अप्रैल 2006 से 24 अप्रैल 2009 तक हिमफेड स्टोर शोंगटोंग में बतौर इंचार्ज कार्यरत था। इस अवधि के दौरान संजीव कुमार ने स्टोर से 9,08217 रुपये की खाद बेचकर सरकारी धनराशि को खजाने में जमा न करके गबन कर दिया।
सरकारी धनराशि के गबन के संदर्भ में 18 दिसंबर 2009 को विजिलेंस थाना रिकांगपिओ में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में अदालत के समक्ष चालान पेश किया गया। ट्रायल के दौरान 12 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संजीव कुमार को दोषी करार दिया है।
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सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रही सहायक जिला न्यायवादी प्रवीना ठाकुर ने बताया कि संजीव कुमार निवासी गांव वाड़ी, डाकघर बोकता, तहसील देहरा गोपीपुर, जिला कांगड़ा 11 अप्रैल 2006 से 24 अप्रैल 2009 तक हिमफेड स्टोर शोंगटोंग में बतौर इंचार्ज कार्यरत था। इस अवधि के दौरान संजीव कुमार ने स्टोर से 9,08217 रुपये की खाद बेचकर सरकारी धनराशि को खजाने में जमा न करके गबन कर दिया।
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सरकारी धनराशि के गबन के संदर्भ में 18 दिसंबर 2009 को विजिलेंस थाना रिकांगपिओ में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में अदालत के समक्ष चालान पेश किया गया। ट्रायल के दौरान 12 गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संजीव कुमार को दोषी करार दिया है।
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