{"_id":"68cab09ec1f73147a40b7257","slug":"the-national-service-scheme-unit-of-government-college-chaupal-organized-the-program-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1035-144029-2025-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"जागरूकता से ही एड्स से हो सकता है बचाव : डॉ. रवि चौहान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जागरूकता से ही एड्स से हो सकता है बचाव : डॉ. रवि चौहान
विज्ञापन
राजकीय महाविद्यालय चौपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने कार्यक्रम का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। राजकीय महाविद्यालय चौपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस अभियान के तहत एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सिविल अस्पताल चौपाल के चिकित्सक डॉ. रवि चौहान ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. रवि चौहान ने कहा कि युवा पीढ़ी को सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जागरूक करना विभाग की प्राथमिकता है। जागरूकता ही एड्स से बचाव का सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने कहा कि समय रहते सतर्क रहने पर एचआईवी को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एड्स को लेकर समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना और सुरक्षित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एड्स एक गंभीर बीमारी है। इसका मुख्य साधन ही जागरूकता है। कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की समन्वयक सहायक आचार्य प्रियंका ठाकुर ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। राजकीय महाविद्यालय चौपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस अभियान के तहत एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सिविल अस्पताल चौपाल के चिकित्सक डॉ. रवि चौहान ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. रवि चौहान ने कहा कि युवा पीढ़ी को सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जागरूक करना विभाग की प्राथमिकता है। जागरूकता ही एड्स से बचाव का सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने कहा कि समय रहते सतर्क रहने पर एचआईवी को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एड्स को लेकर समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना और सुरक्षित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एड्स एक गंभीर बीमारी है। इसका मुख्य साधन ही जागरूकता है। कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की समन्वयक सहायक आचार्य प्रियंका ठाकुर ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद किया।