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बॉक्सिंग रिंक के शुभारंभ पर न बुलाने से बिफरे लोग
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सांगला (किन्नौर)। एक ओर कोरोना महामारी का दौर और ऊपर से सरकारी स्कूल में बने बॉक्सिंग रिंग में पंचायत प्रतिनिधियों को न बुलाना किन्नौर जिला प्रशासन और जेएसडब्ल्यू विद्युत परियोजना को भारी पड़ गया। वीरवार को सांगला पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने काले झंडे दिखाकर जिला प्रशासन और निजी कंपनी के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों ने दोनों के खिलाफ नारेबाजी की। जनप्रतिनिधियों ने सांविधानिक रूप से चुनी पंचायत को सूचित न करने को लेकर मोर्चा खोल दिया।
गौरतलब है कि किन्नौर जिले के सांगला में वीरवार को उपायुक्त ने प्राथमिक पाठशाला सांगला के खेल मैदान में बॉक्सिंग रिंग के उद्घाटन के लिए समय तय कर रखा था। कार्यक्रम को लेकर निजी कंपनी जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड ने संबंधित पंचायत को इसकी सूचना नहीं दी। केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला का क्षेत्र सांगला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। बावजूद इसके निजी कंपनी ने इस महामारी के दौरान पंचायत को सूचित किए बगैर बॉक्सिंग रिंग का उद्घाटन समारोह रख दिया, जो कोरोना काल में तर्कसंगत नहीं था। जैसे ही सांगला के जनप्रतिनिधियों को इसकी खबर मिली तो वे सड़क पर उतर गए। ग्रामीणों, प्रतिनिधियों और युवाओं ने काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताया और खूब नारेबाजी की।
ग्राम पंचायत सांगला प्रधान सचिन नेगी, उपप्रधान भूपेश नेगी, वार्ड सदस्य राजवीर सिंह नेगी, मोहन प्रताप नेगी, लोकेश नेगी, राजभक्ती नेगी, पुष्पा नेगी, नीलम नेगी और रीता नेगी ने कहा कि सांविधानिक संस्थाओं का आदर होना चाहिए। जिला प्रशासन को निजी कंपनी की ओर ध्यान कम देकर स्थानीय पंचायतों के साथ मिलकर विकास को गति देनी चाहिए। इतने बड़े समारोह में पंचायत को निमंत्रण न देना ठीक नहीं है। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सांगला में निजी कंपनी के कहने पर रिकांगपिओ से उपायुक्त सहित वाहनों का काफिला पहुंच रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस दौरान संक्रमण का कोई मामला क्षेत्र में पेश आता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जिला प्रशासन और निजी कंपनी जिम्मेदार होंगे।
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निजी कंपनी के सीएसआर हेड विनोद पुरोहित ने कहा कि उपायुक्त सांगला में कुछ कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। कंपनी ने कम समय में यह कार्यक्रम तय किया। इस संबंध में सांगला पंचायत सांगला को फोन पर सूचित किया गया था।
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गौरतलब है कि किन्नौर जिले के सांगला में वीरवार को उपायुक्त ने प्राथमिक पाठशाला सांगला के खेल मैदान में बॉक्सिंग रिंग के उद्घाटन के लिए समय तय कर रखा था। कार्यक्रम को लेकर निजी कंपनी जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड ने संबंधित पंचायत को इसकी सूचना नहीं दी। केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला का क्षेत्र सांगला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। बावजूद इसके निजी कंपनी ने इस महामारी के दौरान पंचायत को सूचित किए बगैर बॉक्सिंग रिंग का उद्घाटन समारोह रख दिया, जो कोरोना काल में तर्कसंगत नहीं था। जैसे ही सांगला के जनप्रतिनिधियों को इसकी खबर मिली तो वे सड़क पर उतर गए। ग्रामीणों, प्रतिनिधियों और युवाओं ने काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताया और खूब नारेबाजी की।
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ग्राम पंचायत सांगला प्रधान सचिन नेगी, उपप्रधान भूपेश नेगी, वार्ड सदस्य राजवीर सिंह नेगी, मोहन प्रताप नेगी, लोकेश नेगी, राजभक्ती नेगी, पुष्पा नेगी, नीलम नेगी और रीता नेगी ने कहा कि सांविधानिक संस्थाओं का आदर होना चाहिए। जिला प्रशासन को निजी कंपनी की ओर ध्यान कम देकर स्थानीय पंचायतों के साथ मिलकर विकास को गति देनी चाहिए। इतने बड़े समारोह में पंचायत को निमंत्रण न देना ठीक नहीं है। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सांगला में निजी कंपनी के कहने पर रिकांगपिओ से उपायुक्त सहित वाहनों का काफिला पहुंच रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस दौरान संक्रमण का कोई मामला क्षेत्र में पेश आता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जिला प्रशासन और निजी कंपनी जिम्मेदार होंगे।
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निजी कंपनी के सीएसआर हेड विनोद पुरोहित ने कहा कि उपायुक्त सांगला में कुछ कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। कंपनी ने कम समय में यह कार्यक्रम तय किया। इस संबंध में सांगला पंचायत सांगला को फोन पर सूचित किया गया था।