फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Sluice Wall: Those who attack farmers and gardeners will be opposed in the elections

किसानों-बागवानों से कुठाराघात करने वालों का होगा चुनाव में खुला विरोध : हरीश चौहान

Fri, 24 May 2024 11:22 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2024 11:22 PM IST
विज्ञापन
Sluice Wall: Those who attack farmers and gardeners will be opposed in the elections
रोहडू में किसानों बागवानों की समस्याओं को उठाते संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रोहड़ू। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि किसानों-बागवानों से कुठाराघात करने वालों का चुनाव में खुला विरोध किया जाएगा। मंडी और शिमला संसदीय क्षेत्र के हर उपमंडल स्तर पर किसानों-बागवानों को जागरूक करने के लिए मुद्दों को उठाया जा रहा है। उन्होंने इशारा किया कि जब सरकार ने छह में से किसानों-बागवानों की चार मांगों को पूरा किया तो पुरा संगठन इस चुनाव में उसका खुला समर्थन करेगा। रोहड़ू में प्रेस वार्ता के दौरान संयुक्त किसान मंच के संयोजक ने कहा कि केंद्र सरकार के सामने लंबे समय से किसान-बागवान सेब पर आयात शुल्क बढ़ोतरी की लगातार मांग कर रहा है। केंद्र सरकार से किसान-बागवान संगठन लगातार कृषि बागवानी उपकरणों और पैकिंग सामग्री पर जीएसटी हटाने की मांग कर रहे हैं। आयात शुल्क में बढ़ोतरी न होने के कारण इस साल बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार की ओर से बागवानों की समस्याओं पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। पांच साल में शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने एक बार भी किसानों- बागवानों के मुद्दों की केंद्र में प्राथमिकता के आधार पर कोई पहल नहीं की, इसलिए इस चुनाव में जनता उनसे जरूर सवाल पूछे कि उद्योगपतियों के केंद्र हजारों करोड़ रुपये कर्ज माफ कर रहा। हिमाचल के किसानों-बागवानों किसानों के कर्ज तो दूर उसके ब्याज राशि तक को माफ नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों-बागवानों को प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ। इस पर राहत देने के बजाय उल्टा केंद्र सरकार ने एमआईएस योजना की पचास प्रतिशत अनुदान राशि के सहयोग को खत्म किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मंच के आग्रह पर प्रदेश सरकार ने किसानों-बागवानों को मंडी मध्यस्थता योजना के तहत लंबित 56 करोड़ की राशि का भुगतान शुरू कर दिया है। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने सेब के लिए अनुदान पर दवाइयों को उपलब्ध करवानी शुरू की है। यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की प्रकिया शुरू है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने किसानों-बागवानों छह मांगों में से चार को लागू किया है, इसलिए इस चुनाव में किसान-बागवान अपने हितों की रक्षा के लिए उस सरकार का समर्थन करेंगे, जिसने इनकी आर्थिकी को बचाने का प्रयास किया है। संयुक्त किसान मंच के राजन हारटा और संजीव ठाकुर ने कहा कि संयुक्त किसान मंच का किसी राजनीतिक संगठन से कोई संबंध नहीं है। संगठन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसानों-बागवानों की आर्थिकी को बचाना है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मतदान से पहले गांव-गांव वोट मांगने वाले नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं से बागवानों की समस्याओं पर उठाए गए कदम को लेकर जरूर सवाल करे। इस दौरान संयुक्त किसान मंच के रामेश्वर कंवर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed