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Rampur Bushahar News: शरद नवरात्रि के लिए सजे मां के दरबार, आज से गूंजेंगे जयकारे
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श्राईकोटी, शिकारी काली और मंगला काली मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, समितियों ने किए इंतजाम
हजारों श्रद्धालुओं नवाएंगे शीश, सुख-समृद्धि का लेंगे आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शरद नवरात्रि के आगमन पर रामपुर और आसपास के मंदिर सज गए हैं। मां श्राईकोटी, शिकारी काली माता और मंगला काली मंदिर में शनिवार से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मंदिर समितियों ने दर्शन, पेयजल, ठहरने और लंगर सहित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं के लिए सुबह तड़के मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे।
12/20 घाटी की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित मां श्राईकोटी मंदिर में रामपुर सहित बाहरी क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए तकलेच के अलावा लालसा-डंसा-बाहलीधार और गौरा-मशनू मार्गों से भी आवाजाही की जा सकती है। मान्यता है कि इस मंदिर में पति-पत्नी एक साथ दर्शन नहीं करते हैं।
नोग वैली में करीब नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित शिकारी काली माता मंदिर पहुंचने के लिए सुंडा-सनेई सड़क मार्ग से जाना होगा। सनेई गांव से आगे करीब तीन किलोमीटर का सफर वाहन से और शेष एक किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। परशुराम मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, ठहरने और लंगर की व्यवस्था की है।
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लालसा स्थित लयापुरी के मंगला काली माता मंदिर में भी मंगला काली सेवा दल ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। खोपड़ी स्थित श्री महिष मर्दिनी महालक्ष्मी मंदिर में भी नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्वागत और दर्शन के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। नवरात्रि के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
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हजारों श्रद्धालुओं नवाएंगे शीश, सुख-समृद्धि का लेंगे आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शरद नवरात्रि के आगमन पर रामपुर और आसपास के मंदिर सज गए हैं। मां श्राईकोटी, शिकारी काली माता और मंगला काली मंदिर में शनिवार से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मंदिर समितियों ने दर्शन, पेयजल, ठहरने और लंगर सहित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं के लिए सुबह तड़के मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे।
12/20 घाटी की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित मां श्राईकोटी मंदिर में रामपुर सहित बाहरी क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए तकलेच के अलावा लालसा-डंसा-बाहलीधार और गौरा-मशनू मार्गों से भी आवाजाही की जा सकती है। मान्यता है कि इस मंदिर में पति-पत्नी एक साथ दर्शन नहीं करते हैं।
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नोग वैली में करीब नौ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित शिकारी काली माता मंदिर पहुंचने के लिए सुंडा-सनेई सड़क मार्ग से जाना होगा। सनेई गांव से आगे करीब तीन किलोमीटर का सफर वाहन से और शेष एक किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। परशुराम मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, ठहरने और लंगर की व्यवस्था की है।
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लालसा स्थित लयापुरी के मंगला काली माता मंदिर में भी मंगला काली सेवा दल ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। खोपड़ी स्थित श्री महिष मर्दिनी महालक्ष्मी मंदिर में भी नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्वागत और दर्शन के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। नवरात्रि के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।