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Rampur Bushahar News: चेक बाउंस के मामले में दुकानदार को छह माह का कारावास
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. अदालत ने 1.05 लाख रुपये का मुआवाजा देने का भी दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दुकानदार को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को शिकायतकर्ता को 1.05 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। दोषी रामपुर में मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता है। उसने शिकायतकर्ता से 70,000 रुपये की राशि ली और उसे थोड़े समय में वापस करने का वादा किया था, लेकिन वह उसे चुकाने में विफल रहा। इसके बाद उसने जुलाई 2022 में 70,000 रुपये का चेक शिकायतकर्ता को जारी किया, लेकिन वह बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने उक्त राशि आरोपी से मांगी, लेकिन वह भुगतान करने में विफल रहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा। दुकानदार को नोटिस मिल गया, लेकिन उसने फिर भी कोई भुगतान नहीं किया। इसके बाद शिकायत दर्ज की गई। आरोपी ने अदालत में दोषी नहीं होने का दावा किया और ट्रायल की मांग की। अदालत ने फैसला दिया है कि आरोपी यह साबित करने में विफल रहा है कि शिकायतकर्ता के प्रति उसकी कोई कानूनी देनदारी नहीं है। आरोपी को दोषी ठहराया जाता है। उसे छह महीने की साधारण कारावास की सजा दी जाती है। इसके अलावा, दोषी को शिकायतकर्ता को 1,05,000 रुपये की राशि का मुआवजा देने का निर्देश दिया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दुकानदार को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को शिकायतकर्ता को 1.05 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। दोषी रामपुर में मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता है। उसने शिकायतकर्ता से 70,000 रुपये की राशि ली और उसे थोड़े समय में वापस करने का वादा किया था, लेकिन वह उसे चुकाने में विफल रहा। इसके बाद उसने जुलाई 2022 में 70,000 रुपये का चेक शिकायतकर्ता को जारी किया, लेकिन वह बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने उक्त राशि आरोपी से मांगी, लेकिन वह भुगतान करने में विफल रहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा। दुकानदार को नोटिस मिल गया, लेकिन उसने फिर भी कोई भुगतान नहीं किया। इसके बाद शिकायत दर्ज की गई। आरोपी ने अदालत में दोषी नहीं होने का दावा किया और ट्रायल की मांग की। अदालत ने फैसला दिया है कि आरोपी यह साबित करने में विफल रहा है कि शिकायतकर्ता के प्रति उसकी कोई कानूनी देनदारी नहीं है। आरोपी को दोषी ठहराया जाता है। उसे छह महीने की साधारण कारावास की सजा दी जाती है। इसके अलावा, दोषी को शिकायतकर्ता को 1,05,000 रुपये की राशि का मुआवजा देने का निर्देश दिया जाता है।