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बसों में लगे सुरक्षा उपकरण, चालक परिचालक नहीं जानते इस्तेमाल करना
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रामपुर के नजदीक शिंगला हेलीपैड में निजी स्कूलों के वाहनों का निरीक्षण करते एसडीएम रामपुर सुरें?
- फोटो : RAMPUR-HP
स्कूल बसरामपुर बुशहर। उपमंडल में चलने वाली निजी स्कूलों की बसों में बेशक सरकार के निर्देशों के बाद सभी प्रकार के सुरक्षा उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं लेकिन चालक और परिचालक इन्हें इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं। यह बात शनिवार को रामपुर में निजी स्कूल बसों की जांच में सामने आई है। उपमंडलाधिकारी रामपुर सुरेंद्र मोहन ने मौके पर कई स्कूली बसों में खामियां भी पाई। इस दौरान चार स्कूलों की 19 बसों की जांच की गई। उपमंडलाधिकारी रामपुर ने सभी खामियों को दो दिन में दुरुस्त कर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को स्थानीय प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शिंगला हैलीपेड में निरीक्षण के लिए तलब किया था। इसमें 4 स्कूलों की 19 बसें निरीक्षण के लिए पहुंची। प्रशासन ने फैसला लिया है कि जो बसें मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंची हैं अगर उनमें कोई हादसा पेश आता है तो स्कूल प्रबंधन उसके लिए जिम्मेवार होगा। उपमंडलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसी बसों की सूची तैयार कर पुलिस को सौंपी जाएगी।
सोमवार से इन बसों को चलाने पर पाबंदी रहेगी। उपमंडलाधिकारी ने कहा कि बसों में कैमरा, जीपीएस, पेनिक सिस्टम, स्पीड गर्वनर और हेल्पलाइन नंबर लगे हैं लेकिन जांच के दौरान कोई यह नहीं बता पाया कि जो सुरक्षा सिस्टम बसों में लगे हैं, वे किस तरह से काम करते हैं या फिर कर भी रहे हैं कि नहीं? प्रबंधन के मुताबिक सभी स्कूल प्रबंधकों को समय पर बसों का निरीक्षण की सूचना दे दी गई थी बावजूद इसके कई स्कूल प्रबंधकों ने बसें जांच के लिए नहीं भेजी। रामपुर में 100 से अधिक निजी स्कूल हैं हालांकि इसमें से ज्यादातर स्कूलों के पास बस सुविधा नहीं है। इसके बावजूद सूचना के बावजूद कई स्कूलों ने बसों को निरीक्षण के लिए नहीं भेजा है। जिला प्रशासन ने ऐसे स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है।
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जानकारी के मुताबिक शनिवार को स्थानीय प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शिंगला हैलीपेड में निरीक्षण के लिए तलब किया था। इसमें 4 स्कूलों की 19 बसें निरीक्षण के लिए पहुंची। प्रशासन ने फैसला लिया है कि जो बसें मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंची हैं अगर उनमें कोई हादसा पेश आता है तो स्कूल प्रबंधन उसके लिए जिम्मेवार होगा। उपमंडलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसी बसों की सूची तैयार कर पुलिस को सौंपी जाएगी।
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सोमवार से इन बसों को चलाने पर पाबंदी रहेगी। उपमंडलाधिकारी ने कहा कि बसों में कैमरा, जीपीएस, पेनिक सिस्टम, स्पीड गर्वनर और हेल्पलाइन नंबर लगे हैं लेकिन जांच के दौरान कोई यह नहीं बता पाया कि जो सुरक्षा सिस्टम बसों में लगे हैं, वे किस तरह से काम करते हैं या फिर कर भी रहे हैं कि नहीं? प्रबंधन के मुताबिक सभी स्कूल प्रबंधकों को समय पर बसों का निरीक्षण की सूचना दे दी गई थी बावजूद इसके कई स्कूल प्रबंधकों ने बसें जांच के लिए नहीं भेजी। रामपुर में 100 से अधिक निजी स्कूल हैं हालांकि इसमें से ज्यादातर स्कूलों के पास बस सुविधा नहीं है। इसके बावजूद सूचना के बावजूद कई स्कूलों ने बसों को निरीक्षण के लिए नहीं भेजा है। जिला प्रशासन ने ऐसे स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है।
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