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Rampur Bushahar News: जनजातीय जिले में बरसात से 84.84 करोड़ रुपये का नुकसान
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में इस वर्ष भारी बारिश और बिजली गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। जिले में कार्यरत एक दर्जन विभागों को करीब 84.84 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची हैं, जबकि अभी आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है। उपायुक्त किन्नौर ने नुकसान का आंकड़ा न देने वाले विभागों को जल्द नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए हैं, जिससे जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, उनकी भरपाई की जा सके।
उपायुक्त किन्नौर तोरुल एस रवीश ने कहा कि आठ जुलाई से भारी वर्षा, बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने से किन्नौर में 12 विभिन्न विभागों को करीब 84 करोड़ 84 लाख रुपए का नुकसान आंका गया है। कुछ विभागाध्यक्षों ने नुकसान का आंकड़ा अभी तक नहीं दिया है। इस कारण नुकसान अभी और इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का पहला कर्तव्य है कि जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त हुए ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाए, जिससे उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाया जा सके।
जिले में सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। 21 जुलाई को केंद्र सरकार की एक टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का मुआयना करने पहुंचेगी। इस दौरान टीम सांगला वैली के नुकसान वाले स्थानों का दौरा भी करेगी। जिले में अभी भी 17 संपर्क मार्ग बंद हैं। वहीं बिजली के आठ ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। जिले में बारिश से हुई तबाही के कारण चार लोगों की जान चली गई है। 111 भेड़, एक गाय और एक बछड़े की मौत होने से 7 लाख 89 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
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इसके अलावा जिले में 281 मकानों को क्षति पहुंची है। इसमें 43 पक्के मकान क्षतिग्रस्त होने पर 1143 लाख रुपए और चार कच्चे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर 16 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 119 मकानों को आंशिक रूप से हुए नुकसान पर 567 लाख 95 हजार रुपये, 53 कच्चे मकान को आंशिक क्षति से 132 लाख रुपये, 47 गोशालाओं के क्षतिग्रस्त होने से 74 लाख रुपये, 13 दुकानें क्षतिग्रस्त होने से 76 लाख रुपये, एक मजदूर शेड क्षतिग्रस्त होने से दस लाख रुपये, एक श्मशानघाट क्षतिग्रस्त होने से दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसी प्रकार से लोक निर्माण विभाग कड़छम डिवीजन और रिकांगपिओ डिवीजन के दो बैली ब्रिज और छह फीट ब्रिज के साथ दोनों मंडलों का 3134 लाख 30 हजार रुपए, जल शक्ति विभाग रिकांगपिओ और पूह मंडल को 1615 लाख 95 हजार रुपये, बिजली बोर्ड की 125 किलोमीटर एचटी लाइन, 61 किलोमीटर एलटी लाइन के साथ-साथ 256 खंभाें और सात बिजली ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से 162 लाख 80 हजार का नुकसान आंका गया है। कृषि विभाग को 292 लाख 30 हजार, उद्यान विभाग के 4,472 सेब के पौधों के क्षतिग्रस्त होने से 301 लाख 41 हजार रुपये, शिक्षा विभाग को चार स्कूलों की दीवार, खेलने के मैदान, शौचालय, सीढि़यों के क्षतिग्रस्त होने से 3 लाख 25 हजार रुपये, स्वास्थ्य विभाग को 100 लाख रुपये, वन विभाग के भवन, सड़क, पुल, झूला, क्रेटवॉल, नर्सरी और प्लांटेशन को 625 लाख 88 हजार रुपये की क्षति पहुंची है। विकास खंड निचार में 43 लाख 90 हजार और पूह विकास खंड में 168 लाख 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि विकास खंड कल्पा ने अभी तक नुकसान का आंकड़ा नहीं दिया है।
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उपायुक्त किन्नौर तोरुल एस रवीश ने कहा कि आठ जुलाई से भारी वर्षा, बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने से किन्नौर में 12 विभिन्न विभागों को करीब 84 करोड़ 84 लाख रुपए का नुकसान आंका गया है। कुछ विभागाध्यक्षों ने नुकसान का आंकड़ा अभी तक नहीं दिया है। इस कारण नुकसान अभी और इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का पहला कर्तव्य है कि जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त हुए ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाए, जिससे उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाया जा सके।
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जिले में सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। 21 जुलाई को केंद्र सरकार की एक टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का मुआयना करने पहुंचेगी। इस दौरान टीम सांगला वैली के नुकसान वाले स्थानों का दौरा भी करेगी। जिले में अभी भी 17 संपर्क मार्ग बंद हैं। वहीं बिजली के आठ ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। जिले में बारिश से हुई तबाही के कारण चार लोगों की जान चली गई है। 111 भेड़, एक गाय और एक बछड़े की मौत होने से 7 लाख 89 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
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इसके अलावा जिले में 281 मकानों को क्षति पहुंची है। इसमें 43 पक्के मकान क्षतिग्रस्त होने पर 1143 लाख रुपए और चार कच्चे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर 16 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 119 मकानों को आंशिक रूप से हुए नुकसान पर 567 लाख 95 हजार रुपये, 53 कच्चे मकान को आंशिक क्षति से 132 लाख रुपये, 47 गोशालाओं के क्षतिग्रस्त होने से 74 लाख रुपये, 13 दुकानें क्षतिग्रस्त होने से 76 लाख रुपये, एक मजदूर शेड क्षतिग्रस्त होने से दस लाख रुपये, एक श्मशानघाट क्षतिग्रस्त होने से दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसी प्रकार से लोक निर्माण विभाग कड़छम डिवीजन और रिकांगपिओ डिवीजन के दो बैली ब्रिज और छह फीट ब्रिज के साथ दोनों मंडलों का 3134 लाख 30 हजार रुपए, जल शक्ति विभाग रिकांगपिओ और पूह मंडल को 1615 लाख 95 हजार रुपये, बिजली बोर्ड की 125 किलोमीटर एचटी लाइन, 61 किलोमीटर एलटी लाइन के साथ-साथ 256 खंभाें और सात बिजली ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से 162 लाख 80 हजार का नुकसान आंका गया है। कृषि विभाग को 292 लाख 30 हजार, उद्यान विभाग के 4,472 सेब के पौधों के क्षतिग्रस्त होने से 301 लाख 41 हजार रुपये, शिक्षा विभाग को चार स्कूलों की दीवार, खेलने के मैदान, शौचालय, सीढि़यों के क्षतिग्रस्त होने से 3 लाख 25 हजार रुपये, स्वास्थ्य विभाग को 100 लाख रुपये, वन विभाग के भवन, सड़क, पुल, झूला, क्रेटवॉल, नर्सरी और प्लांटेशन को 625 लाख 88 हजार रुपये की क्षति पहुंची है। विकास खंड निचार में 43 लाख 90 हजार और पूह विकास खंड में 168 लाख 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि विकास खंड कल्पा ने अभी तक नुकसान का आंकड़ा नहीं दिया है।