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Rampur Bushahar News: बादल फटने से सैकड़ों सेब के पौधे हुए तबाह, करोड़ों का नुकसान
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सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में वीरवार सुबह एक फिर सांगला वैली के ऐतिहासिक गांव कामरू में बादल फटने से बाढ़ आ गई। बादल फटने से क्षेत्र के लोगाें में अफरा तफरी मच गई। वहीं बाढ़ के कारण बागवानों के बगीचों को भार नुकसान पहुंचा है। इससे सालभर की मेहनत के बाद फलों से लदे पौधे मलबे में दबकर तबाह हो गए।
जानकारी के मुताबिक वीरवार सुबह करीब 5:15 बजे कामरू गांव के टिकुर नाले में बादल फट गया। इससे हुए जोरदार धमाके से कामरू गांव के लोग बुरी तरह से सहम गए। टिकुर नाले में फटे बादल का पानी साथ लगते गौटंग खालंग नाले में आने से इसके किनारे खड़े वाहन बह गए। इससे कई वाहन दब गए तो कहीं बहकर दूसरे स्थान पर जा पहुंचे। इसके बाद बाढ़ के मलबा और पानी ने कामरू गांव के 27 बागवानों खूब तबाही मचाई।
इससे बागवानों के हजारों सेब के फलदार पौधे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि सात बागवानों के बगीचों में सेब को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा ओगला, फाफरा, मटर, आलू, काला जीरा, खुमानी, राजमाह और अन्य फसलें भी बाढ़ में तबाह हो गई हैं। बाढ़ से कामरू पालिका सारिंग सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त जबकि कई स्थानों पर मलबे से भर गई है।
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इससे लोनिवि को 25 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। वहीं जल शक्ति विभाग की गौटंग खालंग से चांगसारिंग तक बनी सिंचाई नहर भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे विभाग को करीब 35 लाख रुपये का नुकसान का अनुमान है। प्राथमिक पाठशाला कामरू का भवन के पांच कमरों में बाढ़ का मलबा भर गया है, जबकि स्कूल की चाहरदीवारी टूट गई है। इससे स्कूल को करीब तीन लाख रुपये की क्षति पहुंची है। इसके अलावा यहां चल रहा आंगनबाड़ी भवन भी मलबे से भर गया है।
बाढ़ की सूचना मिलते ही एसडीएम कल्पा डॉ. शशांक गुप्ता, तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह सहित राजस्व विभाग और पुलिस का दल मौके पर पहुंचा और नुकसान का जायजा किया। एसडीएम डॉ. शशांक गुप्ता ने बताया कि पानी की उचित निकासी करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पानी का स्तर कम होते ही स्थाई बंदोबस्त किया जाएगा।
बाढ़ से इन बागवानों को पहुंचा नुकसान
कामरू गांव में आई बाढ़ से रामसुख नेगी, इंद्र चंद, रजनीश नेगी, नरेंद्र भंडारी, निर्भय सिंह नेगी, हरिराम नेगी, ठाकुर मणी नेगी, देवी सागर नेगी, भगत सिंह नेगी, पितांबर सिंह नेगी, रामबाग सिंह नेगी, प्रेमकुमार नेगी, रूप सिंह नेगी, भीष्म सिंह ठाकुर, देवी नेगी, केशव राम नेगी, केवल सिंह नेगी, रविंद्र सिंह चांकुम, जगविंदर सिंह, हिम्मत सिंह नेगी, देव प्रताप नेगी, बद्रीरतन नेगी, अविनाश नेगी, बंठी लाल नेगी, शांता कुमार नेगी, हजारा सिंह नेगी की सेब के पौधे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं लोकेंद्र नेगी, राजेश नेगी, राजगोपाल नेगी, परविंदर सिंह नेगी, धर्मसिंह नेगी, बिस्मुख सिंह नेगी, गिरीवर नेगी और रामेश्वर दास नेगी के सेब के पौधों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
गांव के देवता बद्रीनाथ, मुकेश चंद, परविंदर सिंह, देव प्रताप, सुरेश कुमार, भजन सिंह नेगी, हजारा सिंह, भगत सिंह और बिस्मुख सिंह के पानी से चलने वाले घराट बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक वीरवार सुबह करीब 5:15 बजे कामरू गांव के टिकुर नाले में बादल फट गया। इससे हुए जोरदार धमाके से कामरू गांव के लोग बुरी तरह से सहम गए। टिकुर नाले में फटे बादल का पानी साथ लगते गौटंग खालंग नाले में आने से इसके किनारे खड़े वाहन बह गए। इससे कई वाहन दब गए तो कहीं बहकर दूसरे स्थान पर जा पहुंचे। इसके बाद बाढ़ के मलबा और पानी ने कामरू गांव के 27 बागवानों खूब तबाही मचाई।
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इससे बागवानों के हजारों सेब के फलदार पौधे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि सात बागवानों के बगीचों में सेब को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा ओगला, फाफरा, मटर, आलू, काला जीरा, खुमानी, राजमाह और अन्य फसलें भी बाढ़ में तबाह हो गई हैं। बाढ़ से कामरू पालिका सारिंग सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त जबकि कई स्थानों पर मलबे से भर गई है।
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इससे लोनिवि को 25 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। वहीं जल शक्ति विभाग की गौटंग खालंग से चांगसारिंग तक बनी सिंचाई नहर भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे विभाग को करीब 35 लाख रुपये का नुकसान का अनुमान है। प्राथमिक पाठशाला कामरू का भवन के पांच कमरों में बाढ़ का मलबा भर गया है, जबकि स्कूल की चाहरदीवारी टूट गई है। इससे स्कूल को करीब तीन लाख रुपये की क्षति पहुंची है। इसके अलावा यहां चल रहा आंगनबाड़ी भवन भी मलबे से भर गया है।
बाढ़ की सूचना मिलते ही एसडीएम कल्पा डॉ. शशांक गुप्ता, तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह सहित राजस्व विभाग और पुलिस का दल मौके पर पहुंचा और नुकसान का जायजा किया। एसडीएम डॉ. शशांक गुप्ता ने बताया कि पानी की उचित निकासी करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पानी का स्तर कम होते ही स्थाई बंदोबस्त किया जाएगा।
बाढ़ से इन बागवानों को पहुंचा नुकसान
कामरू गांव में आई बाढ़ से रामसुख नेगी, इंद्र चंद, रजनीश नेगी, नरेंद्र भंडारी, निर्भय सिंह नेगी, हरिराम नेगी, ठाकुर मणी नेगी, देवी सागर नेगी, भगत सिंह नेगी, पितांबर सिंह नेगी, रामबाग सिंह नेगी, प्रेमकुमार नेगी, रूप सिंह नेगी, भीष्म सिंह ठाकुर, देवी नेगी, केशव राम नेगी, केवल सिंह नेगी, रविंद्र सिंह चांकुम, जगविंदर सिंह, हिम्मत सिंह नेगी, देव प्रताप नेगी, बद्रीरतन नेगी, अविनाश नेगी, बंठी लाल नेगी, शांता कुमार नेगी, हजारा सिंह नेगी की सेब के पौधे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं लोकेंद्र नेगी, राजेश नेगी, राजगोपाल नेगी, परविंदर सिंह नेगी, धर्मसिंह नेगी, बिस्मुख सिंह नेगी, गिरीवर नेगी और रामेश्वर दास नेगी के सेब के पौधों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
गांव के देवता बद्रीनाथ, मुकेश चंद, परविंदर सिंह, देव प्रताप, सुरेश कुमार, भजन सिंह नेगी, हजारा सिंह, भगत सिंह और बिस्मुख सिंह के पानी से चलने वाले घराट बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।