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राहत बनकर बारिश, ओलों ने बरपाया कहर
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आनी में बारिश के साथ आफत के ओले
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर/आनी। प्रदेश में पिछले ढाई महीने से चल रहे सूखे के बाद मंगलवार को हुई बारिश फसलों के लिए संजीवनी बनकर बरसी तो वहीं कई क्षेत्रों में हुई भारी ओलावृष्टि से सेब समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा अंधड़ से भी जगह-जगह काफी नुकसान हुआ है।
मार्च महीने से लेकर मई महीने तक प्रदेश में सूखे की स्थिति चल रही थी। इससे सेब समेत अन्य फसलों पर खतरा मंडरा रहा था तो वहीं अन्य नकदी फसलें भी सूखे की मार झेल रही थी।
मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और जिला शिमला के रामपुर, नारकंडा, कुल्लू के आनी, निरमंड समेत अन्य क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। इससे फसलों को संजीवनी बनी है तो वहीं कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है। कई बगीचों में ओलो के कारण सेब समेत अन्य गुठलीदार फल टूटकर जमीन पर गिर गए। वहीं अन्य फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है। आनी के जाबन, दलाश, जलोड़ी, जांजा और रघुपुर क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं रामपुर उपमंडल की नोग वैली और ब्यूंथल में भी ओलावृष्टि ने अपना कहर बरपाया।
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विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश से फसलों पर मंडरा रहा कीटों का प्रकोप भी काफी हद तक कम होगा तो वहीं बागवानों की लगाई गए नए पौधों के लिए भी बारिश संजीवनी मानी जा रही है। मौसम की बेरुखी के कारण नए पौधों को सूखने का जो खतरा मंडरा रहा था, वह अब टल गया है। बारिश आलू, मटर सहित अन्य सब्जियों के उत्पादन के लिए भी अहम है।
आनी वैली ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश ठाकुर का कहना है कि इस वर्ष पिछले साल की अपेक्षा जल्द फ्लावारिंग हुई है और सेब के आकार में भी वृद्धि हो चुकी है। आनी के कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से बागवानों को भारी क्षति पहुंची है।
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मार्च महीने से लेकर मई महीने तक प्रदेश में सूखे की स्थिति चल रही थी। इससे सेब समेत अन्य फसलों पर खतरा मंडरा रहा था तो वहीं अन्य नकदी फसलें भी सूखे की मार झेल रही थी।
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मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और जिला शिमला के रामपुर, नारकंडा, कुल्लू के आनी, निरमंड समेत अन्य क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। इससे फसलों को संजीवनी बनी है तो वहीं कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है। कई बगीचों में ओलो के कारण सेब समेत अन्य गुठलीदार फल टूटकर जमीन पर गिर गए। वहीं अन्य फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है। आनी के जाबन, दलाश, जलोड़ी, जांजा और रघुपुर क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं रामपुर उपमंडल की नोग वैली और ब्यूंथल में भी ओलावृष्टि ने अपना कहर बरपाया।
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विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश से फसलों पर मंडरा रहा कीटों का प्रकोप भी काफी हद तक कम होगा तो वहीं बागवानों की लगाई गए नए पौधों के लिए भी बारिश संजीवनी मानी जा रही है। मौसम की बेरुखी के कारण नए पौधों को सूखने का जो खतरा मंडरा रहा था, वह अब टल गया है। बारिश आलू, मटर सहित अन्य सब्जियों के उत्पादन के लिए भी अहम है।
आनी वैली ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश ठाकुर का कहना है कि इस वर्ष पिछले साल की अपेक्षा जल्द फ्लावारिंग हुई है और सेब के आकार में भी वृद्धि हो चुकी है। आनी के कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से बागवानों को भारी क्षति पहुंची है।