फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Protest rally in Rampur on October 13 over farmers' and workers' issues.

Rampur Bushahar News: किसानों-मजदूरों के मुद्दों पर 13 अक्तूबर को रामपुर में रोष रैली

Sat, 10 Oct 2026 11:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
Protest rally in Rampur on October 13 over farmers' and workers' issues.
किसान सभा की बैठक में किसान मजदूरों की समस्याओं बारे किया मंथन। स्रोत : सभा
किसान सभा का होगा राज्य सम्मेलन, रामपुर में जुटेंगे किसान-मजदूर
विज्ञापन


अमेरिका-न्यूजीलैंड से व्यापार समझौतों और किसान विरोधी नीतियों का करेंगे विरोध
निरमंड, रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी, आनी, करसोग और किन्नौर के किसान मजदूर खोलेंगे मोर्चा

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। किसानों और मजदूरों की मांगों को लेकर हिमाचल किसान सभा के राज्य सम्मेलन में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। रामपुर में होने वाले 17वें राज्य सम्मेलन में निरमंड, रामपुर, नारकंडा, ननखड़ी, आनी, करसोग और किन्नौर से हजारों किसान-मजदूर भाग लेंगे। सम्मेलन से पहले गांव-गांव में बैठकें कर किसानों और मजदूरों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को चाटी में किसान सभा की बैठक हुई। इसमें किसान-मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के साथ सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
हिमाचल किसान सभा का 17वां राज्य सम्मेलन 13 और 14 अक्तूबर को किसान मजदूर भवन चाटी में होगा। सम्मेलन के पहले दिन 13 अक्तूबर को किसानों, बागवानों और मेहनतकश जनता के मुद्दों को लेकर रामपुर में रोष रैली और आम सभा होगी। इसे अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, राज्य महासचिव राकेश सिंघा और अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर संबोधित करेंगे।
विज्ञापन

किसान सभा के राज्य सचिव देवकी नंद, जिला अध्यक्ष रणजीत ठाकुर और प्रेम चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। कृषि लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो रहा है, जबकि किसानों की आय घट रही है। इससे किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौतों का कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खाद्य वस्तुओं, चीनी, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान नेताओं ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी किए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दूध उत्पादकों को दो-दो महीने तक भुगतान नहीं मिल रहा है। स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित किसान अब भी एक प्रतिशत रॉयल्टी, धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा, मकानों में आई दरारों की भरपाई, एकमुश्त राशि और रोजगार जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। किसान नेताओं ने बताया कि 13 अक्तूबर को होने वाली रोष रैली में कुल्लू, शिमला, मंडी और किन्नौर जिलों के किसान-मजदूर भाग लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed