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Rampur Bushahar News: तलाई स्कूल में शुरू हुआ वन स्टॉप सेंटर
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महिलाओं को कानूनी और पुलिस सहायता का मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तलाई में वन स्टॉप सेंटर खोला गया है। महिलाओं और बालिकाओं को एक ही स्थान पर कानूनी और पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने के लिए यह सेंटर खोला गया है। वन स्टॉप सेंटर को बाल विकास परियोजना के अधीन संचालित किया जाएगा। यह भारत सरकार की पहल है। इसमें केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न, यौन शोषण और सामाजिक समस्याओं से संबंधित मामलों में कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा सहयोग और पुलिस सहायता एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाएगी। वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, त्वरित न्यायिक और सामाजिक सहायता सुनिश्चित करवाना है। यह पहल महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इससे क्षेत्र की महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा। इन केंद्रों को सखी नाम से भी जाना जाता है। केंद्र में निशुल्क सहायता उपलब्ध होती है। केंद्र में 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं को भी सहायता प्रदान करता है, जिन्हें किशोर न्याय अधिनियम के तहत सहयोग दिया जाता है। बाल विकास परियोजना अधिकारी शशि ठाकुर ने कहा कि यह पहल महिलाओं को सुरक्षा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने केंद्र की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे बिना किसी संकोच के इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तलाई में वन स्टॉप सेंटर खोला गया है। महिलाओं और बालिकाओं को एक ही स्थान पर कानूनी और पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने के लिए यह सेंटर खोला गया है। वन स्टॉप सेंटर को बाल विकास परियोजना के अधीन संचालित किया जाएगा। यह भारत सरकार की पहल है। इसमें केंद्र के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न, यौन शोषण और सामाजिक समस्याओं से संबंधित मामलों में कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा सहयोग और पुलिस सहायता एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाई जाएगी। वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, त्वरित न्यायिक और सामाजिक सहायता सुनिश्चित करवाना है। यह पहल महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इससे क्षेत्र की महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा। इन केंद्रों को सखी नाम से भी जाना जाता है। केंद्र में निशुल्क सहायता उपलब्ध होती है। केंद्र में 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं को भी सहायता प्रदान करता है, जिन्हें किशोर न्याय अधिनियम के तहत सहयोग दिया जाता है। बाल विकास परियोजना अधिकारी शशि ठाकुर ने कहा कि यह पहल महिलाओं को सुरक्षा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने केंद्र की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे बिना किसी संकोच के इस सुविधा का लाभ उठा सकें।