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Rampur Bushahar News: आपदा प्रभावित निगुलसरी में एनएचएआई ने तैयार की 70 मीटर कंक्रीट की सड़क
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दलदल बनी सड़क से मिली निजात, सवा 12 बजे से शुरू हुई वाहनों की आवाजाही
सड़क खुलने से जाम में फंसी मटर और सेब की फसल मंडियों की ओर रवाना
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले के आपदा प्रभावित निगुलसरी क्षेत्र में एनएच-पांच पर दलदल बनी सड़क से अब परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। एनएचएआई ने यहां करीब 70 मीटर कंक्रीट की सड़क का निर्माण कर दिया है। इससे अब वाहनों को कोई खतरा नहीं रहेगा। हालांकि, पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से निपटने की भी योजना तैयार की जा रही है। एनएच बहाल होने से जहां हजारों लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं जाम में फंसीं नकदी सेब और मटर की फसल भी मंडियों की ओर रवाना हो पाई। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र निगुलसरी 26 सेक्टर के पास जिला प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों ने एनएच- पांच पर दलदल जैसी समस्याओं से निपटने के लिए मंगलवार को दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक कंक्रीट की परत बिछाई। कार्य के चलते मंगलवार दोपहर दो बजे से यहां पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। बुधवार को कंक्रीट जमने के बाद दोपहर 12 बजे तक वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। एनएच पर बिछाए गए कंक्रीट की स्थिति का जायजा लेने के बाद करीब 12:15 किन्नौर जिले की ओर से नकदी फसलों मटर और सेब से लदे वाहनों की लंबी कतारों को मंडियों के लिए छोड़ा गया। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से जिले के रामपुर की ओर से फंसे वाहनों की भी बराबर आवाजाही करवाई गई। एनएचएआई के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने कहा कि एनएच-पांच पर सड़क की स्थिति का पूरा जायजा लेने के बाद ही कंक्रीट लगाए जाने का फैसला लिया गया। सड़क पर लगाए गए केमिकल को जमने के लिए कम से कम 12 से 18 घंटे तक का समय लगा है। इसके बाद ही वाहनों की आवाजाही करवाई गई है। उधर, कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने लोगों से धैर्य और संयम बनाए रखने का आग्रह किया है। नेगी ने कहा कि निगुलसरी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के दोनों और फंसे वाहन चालकों और आम जनमानस से आग्रह किया है कि वे ऐसी प्राकृतिक आपदाओं जैसे विकट परिस्थितियों में सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई का सहयोग करें।
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सड़क खुलने से जाम में फंसी मटर और सेब की फसल मंडियों की ओर रवाना
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले के आपदा प्रभावित निगुलसरी क्षेत्र में एनएच-पांच पर दलदल बनी सड़क से अब परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। एनएचएआई ने यहां करीब 70 मीटर कंक्रीट की सड़क का निर्माण कर दिया है। इससे अब वाहनों को कोई खतरा नहीं रहेगा। हालांकि, पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से निपटने की भी योजना तैयार की जा रही है। एनएच बहाल होने से जहां हजारों लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं जाम में फंसीं नकदी सेब और मटर की फसल भी मंडियों की ओर रवाना हो पाई। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र निगुलसरी 26 सेक्टर के पास जिला प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों ने एनएच- पांच पर दलदल जैसी समस्याओं से निपटने के लिए मंगलवार को दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक कंक्रीट की परत बिछाई। कार्य के चलते मंगलवार दोपहर दो बजे से यहां पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। बुधवार को कंक्रीट जमने के बाद दोपहर 12 बजे तक वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। एनएच पर बिछाए गए कंक्रीट की स्थिति का जायजा लेने के बाद करीब 12:15 किन्नौर जिले की ओर से नकदी फसलों मटर और सेब से लदे वाहनों की लंबी कतारों को मंडियों के लिए छोड़ा गया। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से जिले के रामपुर की ओर से फंसे वाहनों की भी बराबर आवाजाही करवाई गई। एनएचएआई के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने कहा कि एनएच-पांच पर सड़क की स्थिति का पूरा जायजा लेने के बाद ही कंक्रीट लगाए जाने का फैसला लिया गया। सड़क पर लगाए गए केमिकल को जमने के लिए कम से कम 12 से 18 घंटे तक का समय लगा है। इसके बाद ही वाहनों की आवाजाही करवाई गई है। उधर, कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने लोगों से धैर्य और संयम बनाए रखने का आग्रह किया है। नेगी ने कहा कि निगुलसरी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के दोनों और फंसे वाहन चालकों और आम जनमानस से आग्रह किया है कि वे ऐसी प्राकृतिक आपदाओं जैसे विकट परिस्थितियों में सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई का सहयोग करें।